आलीराजपुर। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा शांति कुंज हरिद्वार के माध्यम से वर्ष 1996 से 11 भाषाओं में संचालित होती आईं है,यह परीक्षा पूरे भारत वर्ष में आयोजित कि जाती है,इस परीक्षा का उद्देश्य युवाओं में देश के प्रति जाग्रत करना, व्यक्तिगत पारिवारिक,ओर सामाजिक एवं राष्ट्रीय मूल्य कि स्थापना करना है,विधार्थियो का चिंतन,व्यवहार परिष्कृत करना तथा भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्य का ज्ञान करवाना है।इसके साथ ही बालक/बालिकाओं को बुरी आदतों से मुक्त करना,ओर सभी प्रकार के नशे से मुक्त करवाना है।इस परीक्षा में सभी धर्मो से संबंधित तथा सभी भारतीय महापुरुषों और वीरांगनाओ का साहित्य का जिक्र किया जाता है।जिससे कि विधार्थियो में भेदभाव कम हो सके,ओर एकता का विस्तार होता रहे।इस परीक्षा में सभी धर्मो के विद्यार्थियों को शामिल किया जाता है। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा सोंडवा के तहसील संयोजक श्री इंग्लेश ने बताया कि सोंडवा तहसील में लगभग25केंद्रो में यह परीक्षा आयोजित कि गई जिसमे2016 विद्यार्थियों ने सहभागिता कि। इस परीक्षा को सम्पन्न करवाने में छकतला से श्री राम लाल तोमर,श्री देवीसिंह चौहान (कुंडवाट),रमेश निंग्वाल (मथवाड),श्री कमलेश सोलंकी(सिरखड़ी), राधेश्याम मोरी(मधुपल्वी), देवेंद्रसिंह भयडीया(मुंडला),श्री सूरसिंह चौहान (सोंडवा),प्रभु भयडीया(सोंडवा),लालसिंह डोडवा(मोराजी), भायसिंह डावर(लोडनी),आदि गायत्री परिजनों का सहयोग रहा। Post navigation सीबी लाइव की खबर का असर : युवक को धमकी देने वाले एएसआई को लाइन अटैच किया हाट गली मे हुई नकबजनी की घटना का पुलिस ने किया खुलासा, आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गया मश्रुका जप्त किया