मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ

थाना आंबुआ के अपराध क्रमांक 119/2025, धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत दर्ज हत्या के एक गंभीर प्रकरण में थाना आंबुआ पुलिस द्वारा किए गए उत्कृष्ट एवं संवेदनशील अनुसंधान के परिणामस्वरूप न्यायालय से आरोपी को दोषसिद्ध कर दंडित कराया गया है।

आरोपी

घटना दिनांक 06 मई 2025 को ग्राम खण्डाला डावरी फलिया में उस समय घटित हुई, जब फरियादी मुलेश पिता अमरसिंह जमरा भीलाला अपने पिता अमरसिंह जमरा भीलाला एवं अन्य परिजनों के साथ एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। इसी दौरान आरोपी राजू पिता मंगु जमरा भीलाला, निवासी ग्राम खण्डाला पुजारिया फलिया, हाथ में बांस का डंडा लेकर वहां पहुंचा तथा पुरानी रंजिश के चलते अमरसिंह पर जान से मारने की नीयत से सिर पर लगातार डंडों से हमला कर दिया। हमले में अमरसिंह गंभीर रूप से घायल होकर अचेत हो गए, जिन्हें तत्काल 108 एम्बुलेंस की सहायता से जिला चिकित्सालय आलीराजपुर ले जाया गया। चिकित्सकों द्वारा गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च उपचार हेतु दाहोद रेफर किया गया, किन्तु उपचार के लिए ले जाते समय रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई। इस संबंध में थाना आंबुआ में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक आलीराजपुर के निर्देशन एवं अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक ज्‍योति उमठ बघेल, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस जोबट श्री आशुतोष के मार्गदर्शन में उक्त प्रकरण को चिन्हित श्रेणी में लेकर थाना प्रभारी उप निरीक्षक मोहनसिंह डावर द्वारा अत्यंत संवेदनशीलता के साथ वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान किया गया। अनुसंधान के दौरान घटना के प्रत्येक पहलू का सूक्ष्म परीक्षण कर पर्याप्त मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य संकलित किए गए तथा अभियोग पत्र समय-सीमा में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

प्रकरण के विचारण के दौरान सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री के.एम. कनाश द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। वहीं प्रधान आरक्षक अमरसिंह भाबर, आरक्षक राकेश एवं आरक्षक टीकम द्वारा गवाहों एवं साक्षियों से सतत संपर्क बनाए रखते हुए उन्हें न्यायालय में उपस्थित कराकर सशक्त एवं विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत कराए गए। मामले की सुनवाई द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश आर.पी. सेवेतिया के न्‍यायालय में हुई। प्रकरण की सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर पर न्‍यायालय ने आरोपी राजु जमरा पिता मंगु जमरा भीलाला उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम खण्डाला पुजारिया फलिया को दोषी पाया। न्‍यायालय ने हत्या की धारा -103(1) बी.एन.एस. में आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया एवं 10 माह तक सश्रम कारावास की सजा दी गयी।

थाना आंबुआ पुलिस द्वारा पीड़ित परिवार को मध्यप्रदेश शासन की पीड़ित प्रतिकर योजना-2015 का लाभ दिलाये जानें हेतु उक्‍त घटना पीड़ित परिवार से संपर्क कर आवेदन प्राप्त किया जा रहा है, जिससे उन्हें पीडित प्रतिकर योजना 2015 के तहत शासन की ओर से ₹4.50 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह ने इस महत्वपूर्ण चिन्हित प्रकरण में उत्कृष्ट अनुसंधान कर आरोपी को सजा दिलाने पर अनुसंधान अधिकारी उप निरीक्षक मोहनसिंह डावर एवं उनके अधीनस्‍थत टीम को पृथक से पुरस्‍कृत करनें की घोषणा की है।

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