संजय गांधी, बोरी/टांडा बोरी-टांडा स्टेट हाईवे स्थित बोरी नदी के पुल पर एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। रेत से भरे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्राले ने आगे चल रहे ट्रैक्टर-ट्राली को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में रेलवे लाइन पर मजदूरी का काम कर लौट रहे एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 7 से 8 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। https://jhabualive.com/wp-content/uploads/2026/08/VID-20260804-WA0026.mp4 काम से घर लौट रहे थे मजदूर जानकारी के अनुसार, घटना में हताहत हुए सभी मजदूर टांडा क्षेत्र के निवासी हैं, जो ग्राम डेकाकुंड़ में चल रहे रेलवे लाइन निर्माण कार्य में मजदूरी करने गए थे। शाम को कार्य पूरा करने के बाद सभी मजदूर ट्रैक्टर-ट्राली में सवार होकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान ग्राम बोरी से टांडा की तरफ जा रहे तेज रफ्तार ट्राले के चालक ने बोरी नदी के पुल पर वाहन से नियंत्रण खो दिया और ट्रैक्टर-ट्राली को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर में सवार आनंद पिता अरमू तड़वी (निवासी- ग्राम कोडदा) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में घायल अन्य 7 से 8 लोगों को तत्काल प्राथमिक इलाज के लिए बोरी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें अन्य उच्च केंद्र के लिए रेफर किया गया है। गंभीर घायलों में मुख्य रूप से शामिल हैं: कविता पिता रेतू (गांव पटेल फलिया, जामला, जिला धार) करम बाई पिता गुलाब सिंह सिंगार (निवासी- नरवाली) दीपक पिता जालम अलावा (निवासी- नरवाली) पारस पिता जालम सिंह अलावा (निवासी- नरवाली) दिलीप पिता धनसिंह डावर सुरेश पिता बल्लू (निवासी- ग्राम गुड़ा) ग्रामीणों ने की स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ओवरलोड और अनियंत्रित गति से दौड़ते भारी वाहनों के कारण इस मार्ग पर आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। इस दुखद घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बोरी-टांडा स्टेट हाईवे और बोरी नदी के पुल के समीप जल्द से जल्द गति रोधक (स्पीड ब्रेकर) बनाए जाएं, ताकि तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाई जा सके और भविष्य में इस तरह की जानलेवा दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। Post navigation आलीराजपुर पुलिस का बड़ा एक्शन: बोरी महाकांड के तीनों दरिंदे गिरफ्तार, पुलिस ने बीच बाजार निकाला जुलूस; जनता ने बांधे तारीफों के पुल विश्व आदिवासी दिवस पर उमड़ा जनसैलाब: परंपरा, आधुनिकता और जड़ों से जुड़ाव की अनूठी मिसाल