संजय गांधी बोरी 

ग्राम बड़ीसुड़ी में विधवा महिला के साथ हुई डकैती, अमानवीय बर्बरता और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अलीराजपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बढ़ते जनाक्रोश और चौतरफा दबाव के बीच पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के तीनों मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आज बोरी के बीच बाजार से अपराधियों का पैदल जुलूस निकाला। पुलिस के इस सिंघम अवतार को देखकर स्थानीय जनता का गुस्सा शांत हुआ और लोगों ने पुलिस प्रशासन को इस त्वरित कार्रवाई के लिए बधाई दी।

सलाखों के पीछे पहुंचेंगे हैवान, बीच बाजार निकला जुलूस

48 घंटे से सुलग रहे अलीराजपुर में आज उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस बल तीनों आरोपियों को अपनी गिरफ्त में लेकर बोरी की सड़कों पर उतरा। कानून का खौफ पैदा करने और अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए पुलिस ने तीनों दरिंदों का पैदल जुलूस निकाला। जिन अपराधियों ने दो दिन पहले क्षेत्र में दहशत फैलाई थी, आज वे पुलिस की गिरफ्त में सिर झुकाए घुटनों के बल चलते नजर आए। इस नजारे को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

जनता की प्रतिक्रिया: “ऐसे जुलूस से ही अपराधियों में फैलेगा डर”

पुलिस की इस सख्त कार्रवाई पर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने राहत की सांस ली है। बाजार में जुलूस देखने वाले ग्रामीणों ने कहा कि अपराधियों का मान-मर्दन बेहद जरूरी था।

क्षेत्र के नागरिकों की प्रतिक्रियाएं:

“ऐसे कड़े कदम उठाने से ही अपराधियों के मन में कानून का डर बैठेगा और वे दोबारा किसी मां-बहन की तरफ आंख उठाने की हिम्मत नहीं करेंगे।”

“देर से ही सही, लेकिन पुलिस ने अपराधियों को सड़क पर लाकर जनता का विश्वास फिर से जीता है।”

जनता ने पुलिस प्रशासन को दी बधाई, कानून-व्यवस्था पर लौटा भरोसा

बीते कुछ दिनों से थाना प्रभारी और पुलिस अधीक्षक (SP) पर उठ रहे सवालों के बीच, इस बड़ी कामयाबी ने पुलिस की साख को दोबारा बहाल किया है। ‘बोरी बंद’ और भारी राजनैतिक दबाव के बीच पुलिस की इस तत्परता की हर तरफ सराहना हो रही है। आक्रोशित नजर आ रहे ग्रामीणों और बंद का आह्वान करने वाले संगठनों ने भी पुलिस टीम को इस त्वरित और सख्त कार्रवाई के लिए बधाई दी है।

अब स्पीडी ट्रायल और फांसी की मांग

भले ही मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं और उनका जुलूस निकालकर जनता का गुस्सा शांत कर दिया गया है, लेकिन स्थानीय समाजसेवियों और नेताओं का कहना है कि यह लड़ाई अभी अधूरी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट (Spidī Trial) में चलाकर दरिंदों को जल्द से जल्द फांसी के फंदे तक पहुंचाया जाए, ताकि पीड़िता को पूर्ण न्याय मिल सके। फिलहाल, इस कार्रवाई से बोरी क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल लौटता दिखाई दे रहा है।

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