- एसपी द्वारा बालिकाओं को पुस्तके भेंट की गई.
- बालिकाओं ने 18 वर्ष की उम्र तक पढऩे का संकल्प लिया.
– बालिकाओं ने 18 वर्ष की उम्र तक पढऩे का संकल्प लिया.

झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट-
एक बालिका पढ़ेगी तो दो कुल सफल होंगे। लड़कियां मजबूत होगी तो अपने आप लडक़े भी मजबूत होंगे। 18वर्ष की उम्र तक पढ़ाई नहीं छोड़े। हमें समाज को सुधारना है तो बालिका शिक्षा पर जोर देना होगा। वर्ष 2016 में झाबुआ जिले में 149 नाबलिग बालिकाओं के अपहरण के केस दर्ज हुए है, जबकि इससे कहीं ज्यादा नाबलिग बालिकाओं के संबंध में पुलिस थाने के बाहर समझौते हुए है। इस प्रकार झाबुआ जिले की स्थिति काफी खराब है। इसके लिए हमें बालिका शिक्षा पर जोर देना होगा। उक्त बात एसपी महेशचंद्र जैन ने गुरूवार को शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित बालिका सशक्तिकरण के कार्यक्रम में कहीं। वे मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने वहां उपस्थित सभी बालिकाओं को संकल्प दिलवाया की कम से कम 18 वर्ष तक की उम्र तक पढ़ाई करे सभी बालिकाओं ने एसपी के साथ मिलकर संकल्प लिया।
जिले में दिलवाया 10 हजार बालिकाओं को संकल्प-
एसपी ने पत्रकारों से चर्चा में बताया की इस प्रकार का अभियान चला कर अभी तक मेरे द्वारा झाबुआ जिले में लगभग 10 हजार बालिकाओं को 18 वर्ष की उम्र तक पढ़ाई का संकल्प दिलवाया गया है।
इस मौके पर संस्था के प्राचार्य योगेंद्र प्रसाद ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि इस विद्यालय की बालिकाओं ने नगर का नाम कई बार रोशन किया है। आज एसपी जैन के आगमन से सभी बालिकाओं में उत्साह है। इस अवसर पर सहायक आयुक्त शंकुतला डामर, संपर्क संस्था के निदेेशक निलेश देसाई,बीईओ शंकुतला शंखवाल विशेष अतिथि के रूप में मौजूद थे। इस दौरान छात्राओं को प्रतियोगिता दर्पण पुस्तक एसपी द्वारा भेंट की गई। इस अवसर पर बालिकाओं ने अपने विचार भी रखे और एसपी की दी हुई सीख को अपनाने के साथ आगे बढ़ाने की बात भी कहीं। वहीं बालिकाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की विशेष प्रस्तुति भी दी।
सेव द गर्ल पर 501 का इनाम-

- सेव द गर्ल रांगोली को एसपी ने 501 रूपए का नकद पुरस्कार दिया.
– सेव द गर्ल रांगोली को एसपी ने 501 रूपए का नकद पुरस्कार दिया.

एसपी महेशचंद्र जैन ने बालिकाओं द्वारा बनाई गई रांगोली भी देखी, जिसमें सेव द गर्ल रांगोली एसपी को बहुत पसंद आई जिस पर उन्होंने रांगोली बनाने वाली बालिका को 501 रूपए का नगद पुरस्कार दिया। अंत में आभार प्रदर्शन संस्था के प्राचार्य योगेंद्र प्रसाद ने माना.

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