जितेंद्र वाणी, नानपुर

आलीराजपुर जिले के नानपुर स्वास्थ्य केंद्र हमेशा विवादो में रहता है ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि इससे लगभग 15 से 20 ग्राम पंचायत के लोग जुड़े हैं जो उपचार कराने यहां आते हैं। लेकिन जिम्मेदार डाक्टर इस स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं रहने के कारण विवाद की स्थिति बनती है। 

अभी कुछ दिनों पहले भी अनुविभागीय अधिकारी तपिश पांडे द्वारा निरीक्षण किया गया था तब भी उन्हें नानपुर स्वास्थ्य केंद्र पर डाक्टर नदारद मिले थे। दवाइयों की भी जांच करने पर उसका पंचनामा बनाया गया था। इस केंद्र की लापरवाही के कारण ग्रामीणों ने चक्का जाम तक किया था। वहीं अभी कुछ समय पहले हाउसिंग बोर्ड विभाग की ओर से लैब के लिए बनाया जा रहे भवन को बनाने के पहले उक्त बाहरी ठेकेदार जो घटिया सामग्री से पतले सरियों हल्की सीमेंट का इस्तेमाल कर नियमों को ताक में रख रहे हैं। फर्जी बिल लगाने की बात भी सामने आई है। हरे भरे नीम के पेड़ काे जड़ से काट दिया गया है, ठूंठे को पास में डाल रखा है पर जिम्मेदार स्वास्थ्य विभाग के डाक्टर और बीएएमओ नानपुर स्वास्थ्य केंद्र सिर्फ कागजों में ही संचालित कर जिला प्रशासन के निर्देश को हवा हवाई कर नजर अंदाज कर रहे है। अभी तक बीएमओ पटेल ने नानपुर के बंगाली डाॅक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं है।

मामले में जब हाउसिंग बोर्ड के जिम्मेदार अधिकारी खोटे से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि लगभग 40 लाख रुपए से बन रहे भवन से पहले नीम का हरा भरा पेड़ था, हमने ठेकेदार सुरेश झाबुआ वाले को बोला भी था पर उसने पेड़ कटवा दिया था।

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