हरीश राठौड़, पेटलावद नसबंदी आपरेशन के बाद भी एक बच्ची हो गई पहले से ही दो लड़किया और एक लडक़ा था। नसबंदी के बाद बच्ची होने पर ग्राम झोंसर की एक महिला शिकायत ले कर एसडीएम हर्षल पंचोली के पास पहुंची तथा महिला देवा पति वसुनिया निवासी झोसर ने बताया कि वर्ष 2016 में मेरा नसबंदी का ऑपरेशन पेटलावद हास्पिटल में किया गया था, जिसके बाद मैंने एक माह पहले एक पुत्री को जन्म दिया जिसके चलते हमारे परिवार के उपर आर्थिक बोझ बढ़ गया है जिसके लिए शासन से सहायता प्रदान की जाए तथा उक्त कृत्य के लिए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाने की मांग की। Post navigation तहसील परिसर में गड्ढे के बीच फंसा नायब तहसीलदार का वाहन 9 अगस्त को होने वाली महाविद्यालयीन परीक्षायें स्थगित, आकास ने लिखा था, कुलपति को पत्र