झाबुआ। हजरत दीदार शाह वली उर्स कमेटी (रे.अ.) द्वारा तीन दिवसीय उर्स पाक फैजाने औलिया कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को स्थानीय सज्जन रोड पर छोटे तालाब के समीप अबुबक्र दाता एवं फजले गौस बाबा की दरगाह पर तकरीर का आयोजन किया गया। जिसमें झांसी उत्तरप्रदेश से आए अख्तर रजा साहब ने अपनी तकरीर में समाजजनों को देश और दुनिया में कौमी एकता और भाईचारे बनाए रखने का अनूठा संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी समाजजनों ने विश्व में अमन एवं चेन के लिए सामूहिक दुआ मांगी तथा फातेहा पढ़ी गई। अख्तर रजा, मुरादाबाद (उप्र) से आए मौलाना याकुब साहब तथा झाबुआ के पेश इमाम मौलाना शाने आलम साहब का उर्स कमेटी के हाजी समीउद्दीन सैयद, सुभाष छाबड़ा, डिप्टी रेंजर अब्दुल शकुर, एजाज नाजी धारवी, सचिव जैनुद्दीन शेख, निसार बाबा, नवाब खां, हाजी कमालुद्दीन, मोहम्मद जमा, उष्मानभाई बागवान, जियाउद्दीन बाबा, बाबु प्रिंस, सरूभाई, गुलशने गरीब नवाज मदर-से के संचालक बशीर बाबा आदि द्वारा गुलपोशी कर सगत किया।। पश्चात तकरीर देते हुए अख्तर रजा सा. ने पैगम्बर मोहम्मद साहब द्वारा किए गए कामों को बताते हुए लोगों को आगाह किया एवं उनके बताए गए मार्गों पर चलने की सीख दी। उन्होंने कहा कि इससे ही कोम का भी भला होगा और देश तरक्की की ओर अग्रसर होगा। रजा सा. ने मेरा भारत महान, पर शानदार तकरीर देकर उपस्थितजनों की जमकर वाहवाही लूटी।
प्रधानमंत्री की प्रशंसा-
रजा सा. ने देश के प्रधानमंत्री के नोटबंदी के फैसले को उचित ठहराया एवं कहा कि अब अच्छे दिन की शुरुआत हो गई है। पूरे देश उनके साथ है और देश तरक्की की ओर अग्रसर है। मुस्लिम समाज भी इस फैसले में उनके साथ है।
मां-बाप की दुआएं जरूरी-
रजा सा. ने आगे कहा कि समाज में मस्जिदों के निर्माण होने के सथ बच्चों को उर्दू का ज्ञान के लिए मदरसे का भी होना जरुरी है जिसमें समाज में रखे जाने वाले रोजे और नमाज की जानकारियां उन्हें मिल सके और बच्चें ज्यादा से ज्यादा समाज, देश एवं धर्मों के बारे में इल्म हासिल कर सके। इसके साथ ही अख्तर सा. ने बच्चों को अपने माता-पिता की सेवा कर दुआं लेने के लिए भी प्रेरित किया एवं बताया कि इनकी दुआ से इंसान जन्नत को प्राप्त कर लेता है।
कौमी एकता एवं भाईचारे का दिया संदेश
इस दौरान तीनों पधारे अतिथियों द्वारा देशवासियों को भाईचारे एवं एकता का भी संदेश में कहा कि एकता तथा भाईचारे से ही देश का विकास संभव है। हमारे पैंगबर साहब ने भी वतन परस्ती से लिए कुरआन में समाजजनों को इसके लिए प्रेरित किया है। इस दौरान एजाजुद्दीन मकरानी भाबरा वाले द्वारा नाते पाक पढ़ी गई। साथ ही उपस्थित कुछ बच्चों ने भी अनोखे अंदाज में हुजूर की शान में नाअते पाक पढ़कर लोगों का दिल जीता।

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