झाबुआ Live के लिए ” मुकेश परमार” की EXCLUSIVE पडताल । एक कहावत है ” जब रोम जल रहा था तब नीरो चैन की बंसी बजा रहा था ” यानी उसे अपने शहर से कोई मतलब नही था । ऐसा ही हाल पेटलावद की बीजेपी विधायक निम॔ला भूरिया” का है पेटलावद मे तीन दिन से संघ – बीजेपी की इज्जत दांव पर है संघ के कार्यकर्ताओ को पीटा गया । संघ – बीजेपी सडक पर है थादंला – झाबुआ विधायक & जिलाध्यक्ष दोलत एंव पूव॔ जिलाध्यक्ष शैलेष दुबे तक पेटलावद आकर सबको पर धरना प्रदश॔न कर रहे है मगर निम॔ला भूरिया भूमिगत है वे कहां है यह तक नही बता रही है केवल 5% फोन उठाकर कह रही है मै बाहर हुं बाहर से ही कोशिश कर रही हुं । बताते है एक कार्यकर्ता ने तो फोन पर गुस्से मे उनसे कह दिया कि अब आप बाहर ही रहना ओर बाहर से ही चुनाव लड़ लेना । दरअसल बीजेपी – संघ के संकट मे उम्मीद थी कि निम॔ला जहां भी होगी कुछ घंटो मे पेटलावद आ जायेगी मगर दो दिन बीत गये उनका कोई ठिकाना नही है ऐसे मे बीजेपी – संघ का गुस्सा उनके लिए भी बढता दिखाई दे रहा है गौरतलब है कि निम॔ला ने पेटलावद हादसे की पहली बरसी पर भी पेटलावद से दूरी बना ली थी ओर चैतन्य काश्यप के शपथ ग्रहण मे जाना ज्यादा जरुरी समझा था यह बात अलग है कि बरसी के एक दिन पहले वे पेटलावद के समीप ही भुट्टा पार्टी का आनंद ले रही थी । ऐसे महत्वपूर्ण मोकै पर पेटलावद से विधायक निम॔ला भूरिया की दूरी किसी को समझ मे नही आ रही है ।। Post navigation सरकार ने तीन दिनों मे संघ – बीजेपी को विवश साबित कर दिया । राष्ट्रीय महामंत्री रामलाल से होगी आज शिकायत