झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट- पेटलावद क्षेत्र धीरे धीरे बड़े शहर का रूप लेता जा रहा है और इसी वजह से नगर के आसपास चारों तरफ भूमियों के दाम आसमान छू रहे है और इसलिए क्षेत्र के आसपास की निजी और सरकारी जमीनों पर क्षेत्र की भू माफियाओं और खनिज माफियाओं की निगाहे है, सरकार जमीन पर अवैध कब्जा करने के लिए इन दिनों क्षेत्र में अवैध रूप से अतिक्रमण करने के साथ ही साथ अवैध उत्खनन करने का दौर जारी है। इतना ही नहीं स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत के चलते दिन दहाड़े खनिज माफियाओं के द्वारा बडी पहाडिय़ों को खोद कर जबरदस्त अवैध उत्खनन किया जा रहा है। पेटलावद के रायपुरिया रोड पर स्थित आशाराम आश्रम के निकट की भूमि पर पिछले कई दिनों से जेसीबी और ट्रैक्टर के माध्यम से खुदाई की जा रही है। यहीं नहीं आश्रम के पास से लगी हुई शासकीय भूमि जो की पटवारी हल्का नम्बर 26 अनंतखेडी के बेत्र में आती है, पर स्थित बडी पहाड़ी को भी काट कर समतली करण का कार्य किया जा रहा है। कई दिनों से चल रही खुदाई के बावजूद भी स्थानीय प्रशासन आंख मूंद कर बैठा हुआ है किन्तु शुक्रवार को इस मामले में मोड़ तब आया जब जिले से खनिज विभाग का दल अचानक मौके पर पहुंच कर जांच पडताल करने लगा। प्रत्यशदशियों की माने तो मौके पर काम कर रहे ट्रैक्टर चालक दल को देखकर मौके से नदारत हो गया। खनिज विभाग के इस्पेक्टर महेंद्र मनसाराम और प्रभारी नायब तहसीदार धनजी गरवाल द्वारा मौके पर पंचनामा बनाया गया किन्तु इस खुदाई को करने वाला कङ्क्षई भी व्यक्ति सामने नहीं आया। इस संबंध में चर्चा करने पर पता चला की भूमि के मालिक द्वारा पूर्व में किए गए सीमांकन के दस्तावेज पेश करने का फोन पर ही कहा। राजस्व विभाग से चर्चा करने पर पता चला की जिस जगह अवैध उत्खनन हुआ है, वहां पर निजी और शासकीय जमीन के बीच का वास्तविक अंतर सीमांकन से ही पता लग सकता है, किन्तु मुख्य मार्ग पर बेशक कीमती भूमि पर किए जा रहे है। अवैध उत्खनन को लेकर आज तक कोई अनुमति की प्रक्रिया नहीं चली है। यह इस बात की ओर संकेत देता है कि खनन अवैध रूप से किया जा रहा है। इस के पूर्व लगभग 20 दिन पूर्व भी नगर में एक स्थान पर रात्रि में अवैध रूप से उत्खनन करते हुए पहाड़ी को कांटा गया था, जिसको कलेक्टर के निर्देश पर रूकवा कर, कलेक्टर खनिज विभाग द्वारा 1 लाख 20 हजार रूपए का जुर्माना भी किया गया है, किन्तु नगर में अवैध उत्खनन का दौर अब भी जारी है। जिम्मेदार बोल- हमारे यहां किसी प्रकार की परमिशन नहीं ली गई है और माईनिंग की परमिशन माईनिंग विभाग से ली जाती है, हमें कोई अधिकार नहीं है। – सीएस सोलंकी,एसडीएम मौके पर जा कर पंचनामा बना कर जांच की गई है। राजस्व विभाग से दस्तावेज मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। महेंद्र मनसाराम, माईनिंग इस्पेक्टर, झाबुआ. Post navigation ज्योति ज्वेलर्स पर हुई चोरी का एक और आरोपी पुलिस गिरफ्त में माही परियोजना के अधूरे निर्माण से 8 वर्षीय बालक की डूबने से मौत