झाबुआ। जिले के पेटलावद मुख्यालय पर गत वर्ष हुए विस्फोट में सैकड़ों की संख्या में दिवंगत हुए छात्रों, युवकों, बालिकाओं एवं वृद्धजनों के परिवारों को आज तक कोई न्याय नही मिला है। वही घटना में गंभीर एवं साधारण रूप से घायल हुए परिवार के लोग आज भी अपने नाते रिश्तेदारों, पुत्र-पुत्रियों के इलाज के लिये दर-दर की ठोंकरे खाने को मजबूर है, जबकि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने विस्फोट में प्रभावितों के हितार्थ में अनेको घोषणाएं की थी। वित्तीय सहायता एवं चिकित्सकीय सहायता के लिए आज भी ऐसे घर परिवार प्रदेश की भाजपा सरकार एवं मुख्यमंत्री की ओर सहयोग की आस लगाये बैठे है। पेटलावद का जनमानस आज भी इस घटना को लेकर आक्रोशित है। उक्त आशय के आरोप लगाते हुए क्षेत्रीय सांसद कांतिलाल भूरिया तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव ने एक वर्ष पूर्ण होने पर मृतकों को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए प्रदेश सरकार तथा मुख्यमंत्री पर अकर्मण्यता तथा अमानवीयता बरतने का बयान दिया है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष विस्फोट के बाद नेताद्वय ने मृतको एवं घायलों के प्रभावित परिजनों से रूबरू मुलाकात कर उनके दुख में साथ खड़े रहे। वहीं मुख्यमंत्री चौहान ने ऐसे प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहातया भरपूर रूप से दिये जाने के साथ मृतकों के परिवार के एक सदस्य को शासकीय सेवा में नियुक्ति देने का भरोसा जताया था किन्तु इस दिशा में कोई क्रियान्वयन नही किया गया। जिला पंचायत अध्यक्षा कलावती भूरिया एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल मेहता, प्रवक्ता आचार्य नामदेव एवं हर्ष भट्ट ने बताया कि प्रदेश की भाजपा सरकार एवं मुख्यमंत्री ऐसे संवेदनशील मामले में स्वयं भी लापरवाह रहे है और प्रशासन भी इसकी अनदेखी करता रहा इसी का परिणाम है कि मुख्यमंत्री ने स्वयं लोकसभा के उपचुनाव में अपनी सक्रिय भागीदारी प्रकट कर भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में जीतोड कोशिश की बावजूद इसके इस विस्फोट कांड की स्मृतियां उनके दिल दिमाग में गहरी पैठ बनाये हुए थी, का विस्फोट लोक सभा के उप चुनाव में उनके विरूद्ध प्रदर्शित हुआ और वहीं इसी पेटलावद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। वही कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया को भारी मतों से अपना समर्थन व्यक्त कर जीत दर्ज करवाई। पेटलावद कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष मन्नालाल हामड, महामंत्री सुरेश मूथा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष चन्द्रवीरसिंह लाला राठौर, कलावती मेडा, कलावती गेहलोत, जीवन ठाकुर, बाबु उंकार, पूर्व विधायक वालसिंह मेडा, आदि ने अपनी प्रतिक्रिया में बताया कि हम पीडि़त परिवारों के संपर्क में आज भी बने हुए है और उनकी हर समस्याओं के निराकरण के लिये जहां अपनी और से प्रयासरत है वही शासन एवं जिला प्रशासन से इस विषय पर ध्यानाकर्षण किया गया किन्तु मात्र आयाराम गया राम ही कथनी और करनी साबित हो रही है।

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