झाबुआ। सत्र न्यायालय झाबुआ के अधिष्ठाता एवं सत्र न्यायाधीश श्यामकांत कुलकर्णी द्वारा न्यायालयीन दांडिक अपील 26/2017 15 फरवरी को निर्णय पारित करते हुए बडऩगर के मोहन कैलाश राठौर तथा रामदयाल नानूराम डोडियार की अपील निरस्त करते हुए आरोपियों को 12 दिसंबर को गौवंश वध परिवहन करने पर धारा 11 घ पशु क्रुरता निवारण अधिनियम 1960 तथा धारा-4 व 6 सपठित धारा 9 मप्र गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 के अधीन एक-एक वर्ष कारावास व 500 रुपए अर्थदंड व अभियुक्त रामदयाल को धारा 130(3)/177 मोटरयान अधिनियम के तहत 4 दिन का कारावास व 500 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। गौरतलब है कि 23 अगस्त 2013 को थांदला थाने पर चेकिंग के दौरान आइशर एमपी 13 जीए 3430 को रोका तो उक्त वाहन में ठूंस-ठूंस कर 22 गाय व एक बछड़ा पाए जिसमें 2 गाय व एक बछड़े की मौत हो चुकी थी। जिसके बाद यह निर्णय पारित किया गया। माननीय विद्वान न्यायालय ने लोक अभियोजक मानसिंह भूरिया द्वारा प्रस्तुत तर्क कि केवल परिवहन करने वाले ड्राइवर-क्लीनर को दंडित करने मात्र से न्याय अधूरा होगा वरन वास्तविक न्याय तब होगा जब पशुओं को परिवहन करने वाले वाहन को राजसात किया जाकर व वध के लिए ले जा रहे गौवंशीय पशुओं को गौशाला में पहुंचा दिया। Post navigation थांदला महर्षि दयानंद सेवाश्रम में धर्मपालजी का हुआ भव्य स्वागत नोटबंदी के खिलाफ कांग्रेस का ब्लॉक स्तरीय जनवेदना सम्मेलन 20 को