भूपेंद्र बरमण्डलिया@मेघनगर वर्तमान में कोविड 19 के खतरे से बचाव के लिए देवी अहिल्या वि.वि.द्वारा खुली किताब पद्धति द्वारा परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है, इसके लिए सभी हायर सेकेंडरी स्कूलों को उत्तर पुस्तिका संग्रहण केन्द बनाया है। मामला झाबुआ जिले के रंभापुर हायर सेकेंडरी स्कूल का हैं , जहां शुक्रवार को बी.ए. अंतिम वर्ष के कई छात्र छात्राएँ कॉपी कापी जमा करने आये, तो वहाँ संग्रहण केन्द्र दोपहर 2 बजे बंद था, काफी देर इंतजार करने के बाद भी कोई कार्मिक नही आया । वहां खड़े कुछ छात्रों ने बताया कि कुछ देर पहले किसी छात्रा के साथ आये एक अभिभावक ने शासकीय महाविद्यालय मेघनगर के प्राचार्य को फोन लगाया था, पर बात नही हुई।फिर झाबुआ कॉलेज के प्राचार्य श्री अनिजंवाल को फोन पर अपनी समस्या बताई तो उन्होने शासकीय महाविद्यालय मेघनगर या थांदला मे कापी जमा कराने का बताया। निराश होकर छात्र छात्राओं को वापिस लौटना पड़ा। पढ़ाई व साल खराब ना हो इसलिए तेज बारिश में भी दूर दराज से कोरोनकाल के कारण बंद यातायात के साधनों की समस्याओं के कारण निजी वाहनों से व कई तरह की अन्य समस्याओं का सामना करते हुए कॉपियां समय पर जमा कराने आते है। पर कार्मिकों की लापरवाही से उनकी मेहनत बेकार हो रही है। कई छात्र छात्राएं भरी बारिश में कॉपियां भीगने से बचाने का जतन करते नजर आएं।शनिवार को अंतिम तारीख होने से छात्र को कितनी परेशानी होगी ये सोचा जा सकता है । कुल सचिव तथा परीक्षा नियंत्रक देवी अहिल्या वि वि इंदौर को इस विषय पर विशेष ध्यान देना चाहिए । और ये भी उच्च शिक्षा विभाग को देखना चाहिए कि जब कॉलेजो में ही कापी जमा करवानी है तो जिले मे 24 सेंटर क्यो बनाने का क्या औचित्य है। Post navigation Previous Post खारकुआ में विधायक मुकेश पटेल ने ग्रामीण परिवार को करवाया गृह प्रवेश