जितेंद्र वाणी, नानपुर 

आलीराजपुर जिले के नानपुर क्षेत्र में पिछले पांच दिनों से ईंधन की भारी किल्लत बनी हुई है। खंडवा-बड़ोदा-कुक्षी रोड पर स्थित कस्बे के दोनों पेट्रोल पंप पूरी तरह सूखे पड़े हैं। आलम यह है कि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी न मिलने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी उन परिवारों को हो रही है जिनके घरों में शादी-समारोह हैं, क्योंकि वाहनों के पहिए थमने से मेहमानों की आवाजाही और जरूरी इंतजाम प्रभावित हो रहे हैं।

पंपों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लटके होने का सीधा फायदा कालाबाजारी करने वाले उठा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में पेट्रोल को कोल्ड ड्रिंक की बोतलों में भरकर दोगुने दामों पर बेचा जा रहा है। मजबूर होकर ग्रामीण कुक्षी या अन्य पड़ोसी जिलों का रुख कर रहे हैं। वहीं, कुछ लोग गुजरात से आने वाली बसों के जरिए छोटी-छोटी केनों में पेट्रोल मंगवाने को विवश हैं।

प्रशासन की चुप्पी और संचालकों की दलील

जब इस समस्या को लेकर पंप संचालकों से बात की गई, तो उनका कहना है कि पीछे से ही सप्लाई (टैंकर) नहीं आ रही है, जिसके कारण वे असहाय हैं। हालांकि, पांच दिनों तक महत्वपूर्ण हाईवे पर स्थित दो पंपों का बंद रहना प्रबंधन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आदिवासी अंचल के ग्रामीण अब जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने की मांग कर रहे हैं ताकि इस किल्लत और आर्थिक शोषण से राहत मिल सके।

डिप्टी कलेक्टर और प्रभार खाद अधिकारी तपिश पांडे ने बताया कि कम्पनी से बात की है, शुक्रवार तक जिले में पेट्रोल पंप पर टैंकर आ जाएंगे। इसके बाद समस्या हल हो जाएगी।

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