28 साल बाद फिर सजेगी मेघनगर की धर्मनगरी, गूंजेगा श्रीमद्भागवत और श्रीराम कथा का अमृत

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लोहित झामर, मेघनगर

करीब 28 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर मेघनगर की धरती आस्था, भक्ति और अध्यात्म से सराबोर होने जा रही है। संत शिरोमणि महंत डॉ. राधे बाबा निर्मोही के सानिध्य में 5 जनवरी से 19 जनवरी 2027 तक श्रीमद्भागवत कथा एवं श्रीराम कथा महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। 15 दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में मेघनगर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है । महोत्सव का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। इसके पश्चात श्रद्धालु श्रीमद्भागवत कथा के साथ प्रभु श्रीराम की पावन कथा का श्रवण कर धर्म और अध्यात्म की गंगा में आस्था की डुबकी लगाएंगे।
आयोजन को लेकर तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में सोमवार को रामदल अखाड़ा में श्री मुखवाणी संत शिरोमणि महंत डॉ. राधे बाबा निर्मोही के सानिध्य में मंडी प्रांगण स्थित सभा स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की गई। पूजन के पश्चात आयोजन स्थल पर धर्म ध्वजा स्थापित की गई। धर्म ध्वजा स्थापना के साथ ही धार्मिक महोत्सव की तैयारियों को गति मिल गई है। इस अवसर पर आयोजन समिति के सदस्य एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।


भव्य आयोजन की रूपरेखा पर मंथन
महंत डॉ. राधे बाबा निर्मोही ने आयोजन समिति के सदस्यों के साथ महोत्सव की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा की। कार्यक्रम को सफल, व्यवस्थित और भव्य बनाने के लिए समिति के सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं।
आयोजन समिति द्वारा कथा स्थल की तैयारियों, श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल, पार्किंग, सुरक्षा सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। आयोजन को भव्य स्वरूप देने के लिए समिति के सदस्य लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं।
आस्था का बनेगा प्रमुख केंद्र
जनवरी 2027 में आयोजित होने वाला यह धार्मिक महोत्सव मेघनगर के लिए विशेष महत्व रखता है। करीब 28 साल बाद होने जा रहे इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। आगामी दिनों में आयोजन की तैयारियां और तेज होने की उम्मीद है। 5 से 19 जनवरी तक मेघनगर में भक्ति, कथा और अध्यात्म की त्रिवेणी बहती नजर आएगी।

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