झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट- नगर की एक मात्र पम्पावती नदी जो अपने अस्तित्व के लिए लड़ाई लड रही है मार्च का महीना अभी खत्म भी नहीं हुआ है और यह नदी पूरी तरह से सूख गई। नगर परिषद द्वारा कई बार इसको जीवित करने के लिए कई प्रयास किए गए लेकिन अभी तक एक भी प्रयास सफल नही हो पाया वही नगर परिषद का कार्यकाल पूर्ण होने को लेकिन पम्पावती नदी की स्थिति जैसी की तैसी बनी हुई है। सबसे रोचक बात यह है कि माही नदी इस क्षेत्र से होकर जाती है इस नदी से पम्पावती नदी को जीवित किया जा सकता है लेकिन किसी के द्वारा कोई प्रयास नही किया जा रहा है। लेकिन पम्पावती नदी में शहर का गंदा पानी जाकर इकटठा हो जाता है जो कि जानवरों के पीने लायक भी नहीं रहता है इस नदी को जीवित करने के लिए नगर पंचायत द्वारा कोई अर्थक प्रयास नहीं किए गए जिससे ये नदी जीवित हो सके। जहा पेटलावद की जनता की यह मांग है कि इस नदी से किसान को अपनी फसल के लिए और जानवरों को पीने के लिए पानी प्रयाप्त मात्रा मे मिल सकता है अगर इस नदी में माही की नहर का पानी छोडा जाये तो काफी फायदा हो सकता है। Post navigation अब बाल विवाह होने पर आंगनवाड़ी-सुपवाइजर की सेवाएं होगी समाप्त शिक्षा विभाग की लापरवाही से नहीं मिला शिक्षको को वेतन