रितेश गुप्ता@थांदला 
स्टेट हाइवे 18 पर अहमदाबाद-बैतूल को जोड़ने वाले मार्ग पर थांदला-पेटलावद के बीच थांदला से 7 किमी दूरी पर सेमलपाड़ा का तीन दशक से अधिक पुराने पुल के मध्य का एक पिलर का हिस्सा बुधवार को वर्षा के तेज बहाव के कारण ढह गया । कोई दुर्घटना न हो यह देख आसपास के ग्रामीणों ने जागरूकता दिखाते हुए पुलिस व प्रशासन को सूचना दी । स्तानीय तहसीलदार व पुलिस ने तत्काल पहुचकर पुल की स्थिती को भारी वाहनों के लिए अनुपयोगी मानते हुए तत्काल यातायात को प्रतिबंधित किया ।

*भारवाहक वाहनो का रूट बदला*

पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने से भारी वाहन अगर गुजरते है तो कभी भी पुल भरभराकर गिर सकता है व बड़ी दुर्घटना की संभावना से इनकार नही किया जा सकता है । गुजरात से बैतूल के इस स्टेट हाइवे मार्ग से प्रतिदिन सेकड़ो की तादाद में भारवाहक वाहनों के अलावा यात्री बसो का आवागमन होता है । प्रशासन ने पुल के सुधार न होने तक इस मार्ग पर पुल के क्षतिग्रस्त हुए एक हिस्से पर बेरिकेट्स लगाकर भारी वाहनो की आवाजाही रोक दी है ।
गुजरात के पिटोल होकर व झाबुआ की ओर से आने वाले भारिवाहन कल्याणपुरा पेटलावद होकर तथा गुजरात व राजस्थान से आकर रतलाम, उज्जैन जाने वाले भारी वाहन थांदला से खवासा, बामनिया होकर गुजर रहे है । क्षतिग्रस्त पुल से केवल दुपहिया व चारपहिया वाहन ही निकल रहे है।

*रोड़ बना पर पुलियाएं नही बनी*

रतलाम व बदनावर, उज्जैन से पेटलावद होकर स्टेट हाइवे को जोड़ने वाले इस सड़क मार्ग पर सड़क निर्माता कंपनी ने सड़क का निर्माण कर वर्षों तक टोल टैक्स वसूल किया परन्तु पुलों के नवनिर्माण की ओर ध्यान नही दिया गया न ही लोनिवि ने कभी पुलियाओं की स्थिति को गंभीरता से लिया । रतलाम व झाबुआ के अनास नदी पर नवीन टोल टैक्स बेरियर स्थापित होने के पूर्व इस मार्ग पर थांदला पेटलावद के मध्य का टोल टैक्स बेरियर बन्द किया गया था ।

*पुराने पुलों की स्थिती गंभीर*

अहमदाबाद बैतूल स्टेट हाइवे के इस मार्ग पर गुजरात से मध्यप्रदेश सिमा में प्रवेश करने वाले ग्राम बालवासा से पेटलावद के मध्य अनेक पुल-पुलियाएं है जो तीन दशक से अधिक पुराने निर्मित होकर एरन व चुना सीमेंट से बने हुए है जिनकी समयावधि भी गुजर चुकी है परन्तु लोनिवि का कभी इस ओर ध्यान ही नही जा रहा है न ही समय समय पर इनकी देखरेख की जा रही है । कमजोर होते जा रहे इन पुल पुलियाओं का एक एक कर क्षतिग्रस्त होते रहने व यातायात अवरुद्ध होना आमबात हो गई है । पूर्व में भी इसी तरह से थांदला खवासा मार्ग पर एक के बाद एक कर दो पुलियाएं भरभराकर गिर गई थी व दोनो बार मार्ग अवरुद्ध रहा था । इसी तरह कल्याणपुरा पेटलावद मार्ग पर भी एक पुल ढह गया था व यातायात अवरुद्ध रहा था यह तो गनीमत रही कि किसी वाहन के गुजरते ऐसा हादसा या दुर्घटना की स्थिति नही हुई । समय रहते लोनिवि के जिम्मेदारों को इस मार्ग के दशको पुराने निर्मित समस्त पुल पुलियाओं का निरीक्षण कर उनके देखरेख व नवीन निर्माण की ओर ध्यान देना होगा अन्यथा कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना से इनकार नही किया जा सकता है ।

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