झाबुआ लाइव के लिए काकनवानी से हरीश पंचाल की रिपोर्ट- परवलिया गांव व आसपास के गांवों के किसानों की दीवाली इस बार फीकी रहेगी, क्योंकि अधिकतर किसानों ने अपने खेतो में टमाटर लगाए थे लेकिन अभी भाव नहीं होने से उनके चेहरे पर मायूसी छा गई है और आने वाले त्योहार भी उनके लिए मायूसी भरा रहेगा क्योंकि कमाई का एक मात्र साधन खेती जिसमे भी टमाटर लगाए व अब भाव नहीं है कुछ किसानों ने टमाटर हटाने की ठान ले हे क्योंकि अगर इसी तरह चलता रहा तो खर्च भी पूरा नहीं होगा किसान टमाटर हटाकर गेहूं व चने लगाने की सोच रहे है खर्च भी नहीं निकल पाया टमाटर की खेती का किसानों का इस बारे में कहना है कि 100 रूपये टमाटर का केरेट बिक रहा है जिससे टमाटर की खेती के लिए दवाई-बीज-खाद-बांस-तार आदि चीजो का खर्चा भी नहीं निकल पाया और टमाटर का खेती यह सौदा उनके लिए घाटे का सौदा साबित हुआ। अब परेशान किसानों की पीड़ा आखिर सुने तो सुने कौन? Post navigation मुनि चैतन्य कुमार ने कन्याओं को दी सीख- अपने जीवन को ज्ञान ज्योति जलाने का प्रयास करे बाइक पर शराब की पेटियां रखकर निकल रहे नाबालिग हाईस्पीड से, जिम्मेदारों का नहीं ध्यान