झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट-
समाचार प्रकाशन के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया और रातोरात मजदूरों को स्कूल के कमरे से निकाला गया और स्कूलों की सफाई कर वहां शनिवार को कक्षाएं लगवाना प्रारंभ किया। प्रथम दिन चेनकावानी स्कूल में 19 बच्चे और गोठ स्कूल में 22 बच्चे पहुंचे जहां संकुल प्राचार्य भी पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों को अपनी गलती का अहसास नहीं है। वे आज भी स्कूल में आकर ग्रामीणों को ही डराने का काम कर रहे है।
संकुल प्राचार्य ने डराया ग्रामीणों को-
ग्रामीणों का आरोप है कि 2 माह से बंद स्कूलों को चालू करवाने आए संकुल प्राचार्य पीटर रेबेलो ने हमें डराते हुए कहा कि झूठी शिकायत क्यों करते हो। इस पर ग्रामीण तोलसिंह मैड़ा ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि हमारे बच्चों का भविष्य बिगड़ रहा है यहां पिछले दो माह से कोई शिक्षक नहीं आ रहा है। पिछले वर्ष भी यहां इसी प्रकार की स्थिति रही। ग्रामीणों का कहना है कि झाबुआ लाइव धन्यवाद जिनके समाचार लगने के बाद पिछले दो माह से कुंभकरणीय की नींद सोया प्रशासन जागा और आज ही स्कूले प्रारंभ हो गई। वही एक अतिरिक्त कक्ष में बंधे हुए जानवरों के मामले में प्राचार्य का कहना है कि यह स्कूल हमारे अंडर में नहीं है। इसलिए इस बारे में हम नहीं जानते। ग्रामीण अनसिंग गामड़ का कहना है कि अधिकारी ग्रामीणों को दबाकर गलत बयान लेना चाहते थे। हमने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि पिछले दो माह से स्कूले बंद पड़ी है। आज खबर छपने के बाद आपको स्कूलों की याद आई है। ग्रामीणों की मांग है इस मामले में दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होना चाहिए। क्योंकि जब अधिकारी दौरे पर जाते है और शिक्षक नहीं मिलता है तो तुरंत निलबंन की कार्रवाई होती है किन्तु यहां पिछले दो माह से स्कूले बंद है और कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

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