झाबुआ लाइव के लिए विपुल पंचाल की रिपोर्ट- महिलाओं को मासिक पीरियड्स की तकलीफों से निजात मिल सके इसके लिए केंद्र सरकार ने ढाई रुपए में एक सैनिटरी पैड मुहैया करना जा रही है। महिला दिवस पर शुरू की गई इस योजना को ‘सुविधा’ नाम दिया गया है। केन्द्रीय रसायन एंव उर्वरक मंत्रालय ने भारतीय जन औषधि परियोजना के तहत इसकी शुरुआत की है। सरकार के मुताबिक ‘सुविधा’ स्कीम में ऑक्सी-बायोडिग्रेडेबल यानी अपने आप गलकर खत्म हो जाने वाले सैनिटरी पैड बांटे जाएंगे। ये किफायती सैनिटरी पैड देश में मौजूद सभी 3200 जन-औषधि केंद्रों पर मिलेंगे, एक पैकेट में चार पैड हैं और पैकेट की कीमत 10 रुपए रखी गई है। सुविधा पैड की बिक्री इस साल 28 मई से शुरू होगी, जिस दिन अंतरराष्ट्रीय मासिक धर्म हाइजीन दिवस भी मनाया जाता है। ऑक्सी-बायोडिग्रेडेबल पैड- सुविधा पैड बनाने वाली कंपनी के सीईओ विप्लव चटर्जी के मुताबिक इसमे एक खास तरह का पदार्थ मिलाया जाता है जिससे इस्तेमाल के बाद ऑक्सीजन के संपर्क में आकर पैड बायोडिग्रेडेबल हो जाते हैं यानी खुद-ब-खुद गलकर खत्म हो जाता है। इस पैड्स के बारे में विशेषज्ञ कहते है कि अगर पैड्स बायोडिग्रेडेबल न हो तो 1 पैड को गलने में 500 साल लग जाते हैं और उनके दाम भी दोगुने से ज्यादा होते हैं लेकिन हमारे प्रॉडक्ट का दाम आधे से भी कम है और इसे गलने में 3-6 महीने का ही वक्त लगता है। आम तौर पर एक महिला अपने हर मासिक धर्म के दौरान 12 पैड का इस्तेमाल करती है। बाजार में दूसरे ब्रांड के बायोडिग्रेडेबल पैड की कीमत 6 से 8 रुपए प्रति पैड है जबकि एक सुविधापैड की कीमत ढाई रुपए है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) की माने तो 15 से 24 साल तक की उम्र की 58 फीसदी महिलाएं स्थानीय स्तर पर तैयार नैपकिन या रूई के फोहे का इस्तेमाल करती हैं। Post navigation मेमू ट्रेन के समय मे महत्वपूर्ण बदलाव ; आपके लिऐ महत्वपूर्ण खबर विद्युत बिलों का भुगतान नहीं करने पर सामान जब्त कर बिल वसूल रहा एमपीइबी