ब्रजेश श्रीवास्तव, छकतला कुछ दिन पहले एसडीएम गोस्वामी द्वारा अवैध झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिकों पर सख्त कार्रवाई करते हुए पंचनामा बनाकर उन्हें बंद कराया गया था, लेकिन प्रशासन की यह कार्रवाई बेअसर साबित हो रही है। छकतला कस्बे में एक बार फिर से ये झोलाछाप डॉक्टर धड़ल्ले से अपना अवैध क्लिनिक चला रहे हैं। एक या दो नहीं, बल्कि कस्बे में ही चार से पाँच अवैध क्लीनिक फिर से खुल गए हैं, जो बड़ी घटना को न्योता दे रहे हैं। प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद इन अवैध डॉक्टरों का दोबारा काम शुरू कर देना सरकारी आदेशों की सीधी अवहेलना है। ये झोलाछाप बिना किसी डिग्री और अनुभव के मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जिससे उनकी जान को गंभीर खतरा है। इस खतरे की बानगी हाल ही में नानपुर में हुई एक दुखद घटना से मिलती है, जहां एक झोलाछाप डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के बाद एक युवक की मौत हो गई। इस घटना ने इन अवैध क्लीनिकों की भयावहता को उजागर कर दिया है। अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन इन जानलेवा क्लीनिकों पर दोबारा कोई ठोस कार्रवाई करेगा या केवल पंचनामा बनाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेगा? जनता अब इस उम्मीद में है कि इन अवैध डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई कर जनस्वास्थ्य को सुरक्षित किया जाएगा। मामले में जब एसडीएम सीजी गोस्वामी से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा मैने बीएमओ से कहा था कि क्लीनिक संचालक की डिग्री की जांच करवा कर केस दर्ज कराएं। अगर क्लिनिक दोबारा खुल गए तो बीएमओ से चर्चा कर निर्देशित करता हूं। Post navigation स्वास्थ्य केंद्र में सांप निकलने से हड़कंप मचा अवैध क्लीनिकों पर प्रशासन का शिकंजा, नायब तहसीलदार ने क्लीनिक सील किए, हड़कंप मचा