ब्रजेश श्रीवास्तव, छकतला

अवैध और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ प्रशासन ने आज बड़ी कार्रवाई की। नायब तहसीलदार मामून खान के नेतृत्व में मेडिकल विभाग की टीम ने छकतला और बखतगढ़ क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर कई अवैध क्लीनिकों को सील किया। इस दौरान कई झोलाछाप डॉक्टर टीम को देखते ही अपने क्लीनिक बंद कर भाग निकले, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।

नायब तहसीलदार मामून खान ने बताया कि छकतला में जब टीम एक अवैध क्लीनिक पर पहुंची तो झोलाछाप डॉक्टर फरार हो गया। टीम ने बंद क्लीनिक को खुलवाकर उसे सील कर दिया। इसके अलावा, एक मेडिकल स्टोर की भी जांच की गई, जहाँ से भारी मात्रा में एक्सपायरी डेट की दवाइयाँ जब्त कर कार्रवाई की गई। इसी क्रम में, दो अन्य बंद पड़े क्लीनिकों को भी खुलवाया गया और उनकी जांच की गई। इन क्लीनिकों से मिली डिग्रियों की कॉपी मेडिकल विभाग को जांच के लिए भेजी गई है ताकि उनकी वैधता सुनिश्चित की जा सके।

यह कार्रवाई मुख्य रूप से उन डॉक्टरों पर केंद्रित है जिन्हें स्थानीय भाषा में “बंगाली डॉक्टर” कहा जाता है और जिनकी डिग्रियों पर अक्सर संदेह होता है। इस लगातार हो रही कार्रवाई से झोलाछाप डॉक्टरों में दहशत का माहौल है।

बखतगढ़ में भी कार्रवाई

बखतगढ़ में भी नायब तहसीलदार खान ने दो अवैध झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिकों को सील किया। एक मेडिकल स्टोर संचालक किसी दूसरे के नाम पर मेडिकल स्टोर चलाता पाया गया, जिसे नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

आज दिन भर छकतला और बखतगढ़ क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों में प्रशासन का खौफ साफ देखा गया। डर के मारे किसी भी अवैध क्लीनिक ने आज अपने शटर नहीं खोले और कई झोलाछाप डॉक्टर अपने ठिकाने छोड़कर इधर-उधर भागते नजर आए।

इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में नायब तहसीलदार मामून खान के साथ मेडिकल ऑफिसर पूनम वाखले, पटवारी और कोटवार भी शामिल रहे।

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