पंचायत भवन के बाहर जुटी महिलाऐ

झाबुआ Live के लिए ” पारा ” से ” राजा सरतलिया ” की रिपोर्ट । 

पंचायत भवन के बाहर जुटी महिलाऐ

झाबुआ जिला मुख्यालय से 28 किलोमीटर दुर झाबुआ पुलिस कोतवाली के अंतर्गत आने वाले ” पलासडी ” गांव की सैकडों आदिवासी महिलाओं ने आज एक असाधारण कदम उठाते हुए अपने गांव के पुरुषों की शराबखोरी से तंग आकर शराबबंदी का संकल्प पारित करवाया । इन महिलाओं ने तय किया है कि अभी अपने बीच मे से 10 ऐसी वालिंटियर तैयार की जायेगी जिनकी बातें गांव मे लोग सम्मान से मानते है इनके नेतृत्व मे महिलाओं का समूह गांव के पुरुषों को समझायेगा की शराबखोरी कैसै परिवार – गांव – समाज के लिए बुरी है ओर उन्हे शराब छोडने के लिए प्रेरित करेगा । आज ग्राम सभा मे पहुंची गांव की झामुभाई ( 48 ) कहती है कि हमारे गांव मे पुरुष शराब पीकर पहले तो घर को आर्थिक रुप से खोखला करते है उसके पश्चात खुद पुरुषों का स्वास्थ खराब होता है ओर नशे मे वह पत्नी – बच्चो से मारपीट पर उतारु हो जाते है या पडोसियों से झगड़ा करते है तो कोट॔ कचहरी मे उलझते है इसलिए हम गांव की महिलाओं ने तय किया है कि हम खुद पंचायत की मदद से अपने गांव को शराब मुक्त बनायेंगे । इन महिलाओं मे से एक चैनीबाई कहती है कि पति लोग शराब के नशे मे आते है ओर खाना मांगते है उनकी पसंद का ना दो तो मारपीट शुरु करते है महिलाओं को डरकर छिपना पडता है अब जो रुपये से सब्जीया या दाल ला सकते थे उसकी शराब ले आये तो अच्छा खाना कहा से दे ? चैनीबाई कहती है कि हमारे गांव मे धडल्ले से अंग्रेजी शराब शराब के ठेको से आकर बिकती है अब हम झाबुआ के कलेक्टर एंव एसपी से मांग करते है कि हमारे गांव मे अवैध शराब की ब्रिकी रोके ताकी हमारे शराब मुक्त गांव के संकल्प को हम पूरा कर सके ओर ऐसा अगर प्रशाशन ने नहीं किया तो हम महिलाएं ही अवैध शराब की गांव मे आवक ओर ब्रिकी को रोकेगी । आज ग्राम पंचायत की विशेष ग्राम सभा मे पहुंची इन महिलाओं का ग्राम के जागरुक पुरुषों ; सामाजिक तडवी ; पंचायत सरपंच ने भी स्वागत किया ।

सरपंच सरदार सिंह कहते है कि इन महिलाओं की पहल पर ग्राम पंचायत पलासडी ने प्रस्ताव – ठहराव पारित कर गांव मे पूण॔ शराबबंदी का संकल्प लिया है ओर खुद पंचायत जिला प्रशाशन से मांग करती है कि हमारे गांव मे अवैध शराब की आवक ओर ब्रिकी पर कारवाई करें वरना हम पंचायत से जुडे जनप्रतिनिधि इन महिलाओं के साथ होकर अवैध शराब की आवक ओर ब्रिकी को रोकेगे ।

केवल ” तीज त्योहारों” पर “महुआ” से बनी शराब की होगी छुट
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गाँव पलासडी की महिलाओं ने जो संकल्प ग्राम सभा के जरिए पारित किया है उसके अनुसार गांव मे पूण॔ शराबबंदी लागू की जायेगी केवल आदिवासी प्रथा ओर परंपरा के अनुसार कुछ खास तीज त्योहारों या सामाजिक प्रसंगों पर महुंऐ से बनी शराब पर छुट दी जायेगी लेकिन वह भी केवल पूजा पद्धति के लिए या एवं आंशिक रुप से । लेकिन अंग्रेजी ओर देशी शराब बिल्कुल ही बंद की जायेगी ।

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