मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ समीप ग्राम बोरझाड में हथिनी नदी किनारे स्थित गौरी शाह बाबा की मजार पर आज उर्स मनाया गया उन्हें फूलों के सेहरे के साथ चादर पेश कर क्षेत्र में अमन-चैन कायम रहे ऐसी दुआ की गई। मिली जानकारी अनुसार हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल बने गौरी शाह बाबा की मजार पर प्रतिवर्ष उर्स मनाया जाता है,इस वर्ष भी यह आयोजन आलीराजपुर शहर काजी जनाब हनीफ मियां की रहनुमाई में आम्बुआ मस्जिद से एक जुलूस संदल लेकर जावरा के कव्वाल मुजम्मिल एंड पार्टी के द्वारा कव्वाली पेश करते हुए बोरझाड मजार पर पहुंच कर चादर पेश कर क्षेत्र में अमन-चैन कायम रहे ऐसी दुआ की गई। Post navigation दाऊदी बोहरा जमात के धर्म गुरु के आम्बुआ आगमन के मद्देनजर युद्ध स्तर पर चल रही तैयारियां बोहरा समाज के धर्मगुरु डॉ. सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन आम्बुआ पहुंचे, दीदार के लिए उमड़ी भीड़