जितेंद्र वाणी, नानपुर आलीराजपुर जिले से मानसून विदा हो चुका है, लेकिन इस बार नानपुर के समीप ग्राम फाटा में बना फाटा डैम रीता ही रह गया। पिछले 16 सालों में सबसे कम बारिश के कारण जिले का यह सबसे बड़ा बांध अपनी 260.17 मीटर की कुल भराव क्षमता के मुकाबले केवल 255.70 मीटर ही भर पाया है। पूरे बारिश के सीजन में बांध का जल स्तर मात्र 1.70 मीटर ही बढ़ा है, क्योंकि इसे भरने वाली डोही और हथनी नदियां उफान पर नहीं आईं। इस जल संकट का सीधा असर डही और कुक्षी क्षेत्र के 24 गांवों की रबी फसलों पर पड़ेगा। सामान्यतः सिंचाई के लिए डैम से हर साल 70 एमसीएम पानी दिया जाता है, लेकिन वर्तमान में डैम में केवल 27 एमसीएम पानी ही उपलब्ध है। इसमें जोबट और आलीराजपुर के लिए 2 एमसीएम पेयजल भी रिजर्व है। हालात यह हैं कि किसानों को बमुश्किल एक बार ही पानी मिल सकेगा। इसके चलते कई किसानों ने इस बार रबी की बोवनी न करने का मन बना लिया है। पिछले 16 सालों में 6 बार जिले में औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। इस वर्ष 30 सितंबर तक 500.5 मिमी बारिश हुई है, जो औसत से 379.2 मिमी (लगभग 43.1%) कम है। यह पिछले 16 सालों में अब तक का सबसे कम आंकड़ा है। Post navigation कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ पावागढ़ जा रहे हजारों पदयात्रियों की सुरक्षा और सेवा में जुटी पुलिस