पीयूष चन्देल@अलीराजपुर

जिले में इन दिनों पीला मोजक रोग लगने से किसानों की फसले बर्बाद हो रही है। प्रदेश की भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों और किसानों की समस्याओं को लेकर शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष महेश पटेल, विधायकद्वय सुश्री कलावती भूरिया, मुकेश पटेल के नेतृत्व में किसान और कार्यकर्ता पीली पड़ी फ़सलो को हाथों में लेकर कलेक्टोरेट कार्यालय पहुँचे। जहां उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने मप्र राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर सुरभि गुप्ता को सौपकर उचित कार्यवाही की मांग की। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुवे कहा कि अगर एक माह में किसानों की फसलों का सर्वे नही कराया और उन्हें उचित मुआवजा नही मिला तो हम किसानों की खराब फसले टेक्टरों के माध्यम से लाकर कलेक्टर कार्यालय को भर देंगे।

*भाजपा के राज में किसान खून के आँसू रो रहे है*

कलेक्टर को सोपे गए ज्ञापन में कांग्रेस नेताओं ने बताया कि जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार आई है, तब से किसानों की कोई सुनवाई नही हो रही है। प्रदेश सरकार किसान विरोधी सरकार है। अलीराजपुर जिले में इन दिनों आदिवासी किसानों को खाद, दवाई आदि की भंयकर किल्लत हो रही है। जिससे वे काफी परेशान हो रहे है। नगर सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में खाद, दवाई विक्रेताओं की दूकानें सील करे जाने के कारण किसानों को खाद ओर दवाई की आवश्यकता अनुसार पूर्ति नही हो पा रही है। जिलें की सहकारी समिति की दूकानों में पर्याप्त मात्रा में खाद एवं दवाई उपलब्ध नही है। बीमारी, कीट एवं अन्य रोगों से बचाव हेतु उन्हें दवाई ओर खाद की आवश्यकता है, परन्तु इसके लिए उन्हें इधर उधर भटकना पड रहा है। जिले के अधिकांश क्षेत्रों में किसानों की खडी उडद की फसलों में पीला मोजक रोग लग गया है। जो फसलों को पूरी तरह से बर्बाद कर रहा है। इसी तरह कीडे पड़ने से ओर सड़न लगने से मक्का की फसलें भी खराब होकर पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। जो कुछ आंशिक फसले बची है, वह खाद दवाई के अभाव में दम तोड़ने को विवश है। भाजपा के शासन में अक्सर किसानों इस तरह खून के आंसू रोना पड़ते है। एक ओर तो देश के प्रधानमंत्री देशवासियों को आत्मनिर्भर होने का नारा बुलंद कर रहे है, वंही दुसरी ओर मप्र में उनकी ही सत्तारूढ पार्टी किसानों के साथ खिलवाड कर रही है। पिछली बार भी किसानों का उनकी खराब हुई फसलों की समुचित फसल बीमा राशि नही मिली थी। इस बार भी हालात यही होना है। किसान वर्ग व्यापारियों से उपयोग किए गये खाद, दवाई बीज के बिल बनाकर तो ले जाते है, परन्तु उन्हें फसल बीमा राशि का भुगतान नही होता है। यह अत्यंत दयनीय स्थिति है। सोसायटियों में पर्याप्त मात्रा में खाद दवाई का स्टाक उपलब्ध होना चाहिए, साथ ही खाद दवाईयों के विक्रेंताओं की दूकानों से सील हटाकर उनके लाईसेंस बहाल करना चाहिए ताकि समय रहते किसानों को खाद एवं दवाई की पूर्ति हो सके। यदि शीघ्र ही इस दिशा में कोई कदम नही उठाया तो पूरे जिले में किसानों की जो कुछ फसल बची है, वह भी पूरी तरह से नष्ट हो जायेगी। किसानों के साथ हो रहे इस छलावें ओर सौतेले व्यवहार की जिला कांग्रेस कमेटी, कांग्रेस विधायकगण व दुःखी किसान वर्ग घोर निंदा करते हैं। जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद एवं दवाई स्त्रोत की शीघ्र उपलब्धता हेतु निर्देश एवं क्षैत्र में किसानों की बर्बाद हुई फसलों का नुकसानी के अनुरूप फसल बीमा राशि का भुगतान करवाने का कष्ट करें। इस मामले में यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र कार्यवाही नही हुई तो आगामी एक माह में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जिले में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। यह जानकारी जिला कांग्रेस मिडिया प्रभारी रफ़ीक कुरेशी ने दी।

*ये रहे मौजूद*

इस अवसर पर कार्यवाहक अध्यक्ष ओमप्रकाश राठौर, कांग्रेसी नेता सुमेरसिंह अजनार, देवालिया काका, खुर्शीद दिवान, सानी मकरानी, रमेश मेहता, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षद्वय मोहन भाई, कैलाश चौहान, भुरू भाई अजनार, पारसिंह बारिया, मदन डावर, रेमंडसिंह बाबा, उसान गरासिया, अमान पठान, अनिल थेपड़िया, सुरेश सारडा, सुनील भयडिया, बहादुर चौहान, इरफ़ान मंसूरी आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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