दिनेश वर्मा, झाबुआ आज स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 950 से अधिक अनुकंपा नियुक्ति पत्रों का वितरण किया गया। किसी भी विभाग द्वारा इतनी बड़ी संख्या में अनुकंपा नियुक्तियां प्रदान करना, लंबित प्रकरणों के निराकरण के प्रति हमारी सरकार की गंभीरता, तत्परता और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस अवसर पर हमने अपेक्षा व्यक्त की है कि अनुकंपा नियुक्ति के शेष लगभग 300 लंबित प्रकरणों का निराकरण भी इसी वर्ष के अंत तक कर दिया जाएगा। इसके लिए विभागीय पदोन्नति समिति की प्रक्रिया जारी है। पदोन्नति के कारण रिक्त होने वाले पदों पर नियुक्तियां देकर इन प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश में 369 विद्यालय भवनों का निर्माण एवं लोकार्पण किया गया है। इसके साथ ही आज 200 नए विद्यालय भवनों को भी मंजूरी दी गई है। वहीं, जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत भी 200 सांदीपनि विद्यालय भवनों का निर्माण किया जाएगा। हमारी सरकार द्वारा अब तक विभिन्न विभागों में की गई नियुक्तियों में से 15,000 नियुक्तियां स्कूल शिक्षा विभाग में हुई हैं। इसके अतिरिक्त, 20,000 पदों पर नई भर्ती की प्रक्रिया प्रस्तावित है। स्कूल शिक्षा विभाग के लिए भी नई भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय स्कूल शिक्षा विभाग का बजट लगभग ₹400 करोड़ तक सीमित था, जबकि हमारी सरकार ने स्कूल शिक्षा के लिए ₹38,000 करोड़ का बजट दिया है। यह केवल बजट की राशि नहीं, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने, विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने के हमारे संकल्प का प्रतीक है। इससे शिक्षा के प्रति हमारी सरकार की प्राथमिकता और कार्य करने की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है। विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत 70% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को अब तक 1 लाख 45 हजार से अधिक लैपटॉप वितरित किए गए हैं। स्कूटी वितरण से लेकर किताबों और कॉपियों की उपलब्धता तक, विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं को निरंतर बेहतर बनाया जाए। हम सभी अपनी नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम सब मिलकर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में कदम से कदम मिलाकर मध्यप्रदेश को विकास के हर क्षेत्र में अग्रणी बनाएं और प्रदेश को देश का नंबर वन राज्य बनाने के संकल्प को साकार करें। – *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री* Post navigation विजयादशमी पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश: बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व