जितेंद्र वाणी, नानपुर

क्लोरोसिस जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए बनी फ्लोराइड नियंत्रण योजना जिले में पूरी तरह फेल हो चुकी है। करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई पानी की टंकियां वर्षों से बंद पड़ी हैं और गांवों में सिर्फ शोपीस बनकर रह गई हैं, जबकि ग्रामीण और स्कूली बच्चे मजबूरी में फ्लोराइड युक्त पानी पी रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताई योजना की सच्चाई।

नानपुर के ग्राम फाटा के ग्रामीणों का कहना है कि टंकी तो बना दी गई, लेकिन न सफाई हुई, न संचालन और न ही किसी तरह की निगरानी। जिम्मेदार अफसर मौके पर झांकने तक नहीं पहुंचे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अनुसार जिले में 206 टंकियों का निर्माण हुआ, लेकिन केवल 147 टंकियों में ही पानी उपलब्ध है, कई संख्या सालों से बंद पड़ी है।

गंभीर सवाल यह है कि कुछ दिन पूर्व इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की जान जाने के बाद भी क्या आलीराजपुर जिला प्रशासन कोई सबक लेगा या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?

PHE अधिकारी आलीराजपुर सुनील मेडा से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा हर 6 महीने में टंकियों की सफाई की जाती है। कुछ टंकियों से पानी सप्लाई बंद है।

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