झाबुआ। ग्राम अंतरवेलिया में श्रद्धानंद निराश्रित आश्रम में एक नाबालिग के साथ किए गए बलात्कार के प्रयास की घटना की जिला कांग्रेस ने निंदा की है। जिला पंचायत एवं जिला कांग्रेस कार्यवाहक अध्यक्ष कलावती भूरिया ने इस घटना में जिला प्रषासन की लापरवाही को भी जिम्मेदार ठहराया है एवं मांग की है कि इस आश्रम की मान्यता रद्द की जाए। भूरिया ने बताया कि यहां नाबालिगों के साथ दुराचार करने एवं उनके साथ गलत बर्ताव करने का घिनौना कृत्य पिछले लंबे समय से चल रहा था। जिला प्रशासन का दायित्व बनता था कि वे समय-समय पर आश्रमों में जाकर वहां की व्यवस्था देखे। बच्चों को मिल रही सुविधाओं से संबंधी जानकारी उनसे प्राप्त करे, उन्हें किसी प्रकार की कोई समस्या तो नहीं है, इसकी जानकारी ले, लेकिन घटना में जो खुलासा हुआ है, उससे पता चलता है कि जिला प्रशासन के किसी भी जवाबदार अधिकरी ने भी आश्रम की व्यवस्थाओं का जायजा ही नहीं लिया, जबकि इस मार्ग से जवाबदार अधिकारियों का प्रतिदिन आना-जाना लगा रहता है।
नहीं मिल रहा समय पर भोजन, जर्जर हालत में आश्रम–
जिला कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल मेहता ने बताया कि इस आश्रम की पिछले कई महीनों से खराब स्थिति थी, यहां तक भी आश्रम को पिछले कई महीनों शासन से अनुदान राषि भी मिलना बंद हो गई थी, जैसे-तैसे आश्रम का संचालन हो रहा था। मिली जानकारी के अनुसार बच्चों को समय पर भोजन भी नहीं मिल पा रहा था। कक्षों की हालत जीर्ण-शीर्ण थी एवं आश्रम संचालक आश्रम के संचालन को लेकर संदेह के घेरे में चल रहा था।
अत्यंत निंदनीय है घटना-
युवा कांग्रेस नेता डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि हाल ही में एक किशोरी द्वारा पुलिस चौकी पर जाकर आश्रम संचालक के खिलाफ उसके साथ बार-बार बलात्कार का प्रयास करने की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है, जिसके बाद संचालक को गिरफ्तार किया गया है, यह घटना काफी निंदनीय है। जितेन्द्र प्रसाद अग्निहोत्री, आशीष भूरिया, हेमचंद डामोर, हर्ष भट्ट, आचार्य नामदेव,गौरव सक्सेना, विनय भाबोर आदि ने इस मामले में संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए शासन से आश्रम की व्यवस्थाओं में सुधार करवाने या इसकी मान्यता रद्द करने की मांग की।

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