जरूरत पड़ने पर इस तरह झोली में डालकर मरीजों का ले जाना पड़ता है।

 

जितेंद्र वाणी, नानपुर

मध्य प्रदेश के पश्चिम क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र अलीराजपुर में एक ऐसा इलाका है जो मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिला में तो आता है लेकिन पूरी तरह से कटा हुआ है जो नर्मदा के झंडाना पेमितल  अन्य फलिये  के ग्रामीणों ने बताया की आजादी के बाद से देश आजाद तो हुआ था पर हमें हमारे मूलभूत सुविधाओं से आजादी आज तक नही मिल पाई है। 

चुनावों में हर पार्टी के नेतागण आते है हमे हमारे से वोट ले लेते उसके बाद हमे उसी हालत में छोड़ देते हैं आज हमें नेटवर्क या अन्य जानकारी लेना हो तो हमें नाव या बोट में बैठ कर गावो में जाना पड़ता है ना तो सड़के है ना ही बिजली की व्यवस्था है नहीं स्कूल। आलीराजपुर जिले से पूरी तरह से अलग-थलग वहां के ग्रामीणों का कहना है कि हमारे यहां किसी भी तरह की   कोई व्यवस्था या सुविधा नहीं है जिससे कि बीमार या प्रेग्नेंट महिला को अस्पताल ले जाने के उन्हें लकड़ी की झोली बना कर  फाहडियो उतर कर जान जोखिम में डाल कर जाना पड़ता है।

काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है सड़के नहीं होने से उनके फलिया तक वाहन सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है नहीं स्कूल और बिजली नही  होने  से बच्चे ना तो स्कूल जा पाते हैं नहीं बिजली नही होने से पढ़ाई कर पाते हैं और सरकार की कई योजनाओं का तो ग्रामीणों को पता भी नहीं वही ग्रामीणों की मांग है कि उनके क्षेत्र में सड़के  के साथ स्कूल और बिजली की सुविधा मिल सके जिससे उनके बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो और वह भी एक अच्छी जिंदगी जी सके इन ग्रामीणों सरकारी योजनाओं का लाभ भी अभी तक नही मिल रहा है।

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