झाबुआ। शहर के सज्जन रोड़ पर छोटे तालाब के समीप हजरत अबुबक्र दाता (रे.अ.), फजले गौस बाबा एवं अब्दुल मजीद बाबा की दरगाह पर शनिवार रात नमाजे ईशा बाद कव्वाली का शानदार आयोजन किया गया। जिसमें झांसी उत्तर प्रदेश से पधारे फनकार मोईन निजामी, बाबु खां कव्वाल एवं शहजाद साबरी ने अलसुबह तक अपनी कव्वालियों एवं एक से बढक़र एक शेर-ओ-शायरियों के माध्यम से समां बांधे रखा। ख्वाजा की याद करते हुए एवं उनके रहमो करम पर कव्वालियां प्रस्तुत करने के साथ ही कार्यक्रम में देशभक्ति पर आधारित कव्वालियां भी प्रस्तुति की गई, जिसने उपस्थितजनों की जमकर दाद बटोरी। कार्यक्रम में अतिथि के रूप भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शैलेष दुबे, युवा कांग्रेस नेता डॉ. विक्रांत भूरिया, रोटरी क्लब अध्यक्ष उमंग सक्सेना, संकल्प ग्रुप की संयोजक भारती सोनी उपस्थित हुई। मुहम्मद के बिना जीना गंवारा नहीं – बाद सबसे पहले झांसी से पधारे मोईन निजामी ने अपने कव्वाल पार्टी के साथ प्रस्तुति देना आरंभ किया। उन्होंने अपनी शुरुआत खुदा के रहमो करम से करते हुए गाया कि मेरे खुदा मै खड़ा हूं तेरी अदालत में के साथ माहौल को धर्ममयी किया। बाद मोहम्मद के बिना जीना गंवारा नही, जमाने मैं बहुत से ऐसे है, जो करीमी पर नजर रखते है, जब भी हंसते है ये गरीबी जमाने वाले, शोक उम्मीद के दामन से हवा देते है , एक दीवाना तड़प-तड़प के सजा देता है, मोहम्मद का रूतबा खुदा जानता है, पर तो समाजजनों ने कव्वाल पार्टी को खूब नजराना भेंट किया। इसके साथ ही हालिक ने अपने नूर को जलवा दिखा दिया, मैं हूं ख्वाजा का दीवाना .. मुझकों छेड़ो ना, मैं हूं, की प्रस्तुति को भी काफी दाद व वाहवाही मिली। जिस काम को कीजिए बिस्मिल्लाह से कीजिए झाबुआ के शायर एवं कव्वाल बाबू खां ने अपनी पार्टी के साथ कव्वाली की शुरुआत शेरो-शायरी से की। उन्होंने कहा कि शुुरू जिस काम को कीजिए बिस्मिल्लाह के साथ कीजिए। सारे गुनाह मैं ले खुदा …. किसी के कहने से हम बाहर नहीं आएंगे के बाद देश के प्रधानमंत्री पर शेर सुनाए। सबसे अंत में शहजाद साबरी ने देशभक्ति पर एवं हिन्दू-मुस्लिम एकता पर कव्वालियां प्रस्तुत करते हुए माहौल को देशभक्तिमय एवं एकता तथा भाईचारे से परिपूर्ण किया। लगाई प्रदर्शनी- कार्यक्रम अलसुबह 4 बजे तक चला। जिसका आनंद सैकड़ों की संख्या में समाज के महिला-पुरुष, युवा सहित बच्चों ने लिया। कार्यक्रस्थल पर हजरत दीदाद शाह वली उर्स कमेटी (रे.अ.) द्वारा पिछले कुछ दिनो पूर्व दीदार शाह वली बाबा की दरगाह पर मनाए गए तीन दिवसीय उर्स कार्यक्रम की झलकियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे देखने के लिए भी समाजजनों की भीड़़ जमा हुई। हुआ मेहफिल-ए-रंग- रविवार को सुबह मेहफिल-ए-रंग का आयोजन किया गया। जिसमें समाज के बुजुर्गों सहित बच्चों ने शामिल होकर इसका आनंद लिया। इसके बाद सुबह 10 से दोपहर 4 बजे तक चला। बाद लंगर का आयोजन किया गया। Post navigation शहर से गैस गोडाउन हटाने को लेकर कांग्रेसी सौंपेंगे कलेक्टर को ज्ञापन ख्रीस्त राजा का पर्व धूमधाम से मनाया