नवनीत त्रिवेदी झाबुआ Desk कल लोकायुक्त पुलिस इंदौर द्वारा झाबुआ जिले के थांदला थाने में पदस्थ उप निरीक्षक शिवराम पाल के खिलाफ धारा 7 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की है, उन पर ये आरोप है कि एक आपसी विवाद में अभिभाषक गोपाल राठौर से 10000 रुपए की रिश्वत की मांग की जा रही थी जो गोपाल राठौड़ द्वारा रिकॉर्ड कर ली गई थी और उसकी शिकायत राठौर द्वारा लोकायुक्त इंदौर में की थी, लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने इस रिकॉर्डिंग को पर्याप्त साक्ष्य का आधार मान उप निरीक्षक शिवरामपाल पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले को जांच में लिया है। ये था मामला फरियादी अभिभाषक गोपाल राठौड़ ने बताया की उनके द्वारा विगत 14 अप्रैल को थाना थांदला में अनावेदक के खिलाफ बेवजह विवाद करने संबंधी आवेदन दिया गया था और कार्रवाई की मांग की गई थी, इनकी जांच उपनिरीक्षक शिवराम पाल को दी गई थी, आवेदन देने के अगले ही दिन से पाल द्वारा लगातार आवेदक श्री गोपाल राठौर को यह कहा जा रहा था कि अनावेदक द्वारा भी तुम्हारे खिलाफ विवाद संबंधी आवेदन दिया गया है और अगर बचना चाहते हो तो 10000 रुपए मुझे दे दो मैं मामले का निपटारा कर दूंगा, अभिभाषक पर उप निरीक्षक पाल द्वारा जब बहुत ज्यादा दबाव बनाए जाने लगा तो इसकी शिकायत उन्होंने लोकायुक्त पुलिस इंदौर में की और कल जब लोकायुक्त पुलिस उपनिरीक्षक पाल को ट्रैप करने पहुंची तो शंका होने पर उपनिरीक्षक शिवराम पाल मोबाइल बंद कर थाने से रवाना हो गए, पुलिस ने अभिभाषक गोपाल राठौड़ द्वारा की गई रिकॉर्डिंग कोई ही पर्याप्त आधार मान उप निरीक्षक पाल पर धारा 7 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर लिया है एवं मामले की जांच की जा रही है। इस संबंध में हमने पुलिस अधीक्षक अगम जैन से बात कर मामले की तहकीकात करना चाही लेकिन उनकी और से अभी तक कोई भी अधिकृत बयान जारी नहीं हुआ है। Post navigation कोतवाली पुलिस द्वारा चलाया जा रहा विशेष अभियान, सवारी वाहनों पर और लोडिंग हेतु बनाए गए कैरियर को निकलवा कर की जा रही कार्यवाही.. भाजपा की जिला कार्यसमिति बैठक 21 मई को…