एक नजर:

– 300 साल पुरानी है दरगाह

– कई राज्यों केजायरिन शामिल होते हैं उर्स में

– तीन दिन तक होंगे अलग-अलग आयोजन

– कई बुजुर्ग सूफी-संतो का होगा प्रवेश

सलमान शैख़@ झाबुआ Live

सर्वधर्म, अमन-चैन और कोमी एकता का प्रतीक शहंशाहे पेटलावद हजरत शेर अली मस्त मस्तान ओढ़ी वाले दाता रे.अ. (दादाजी) के सालाना उर्स का आगाज 13 जून से होगा। इस दौरान हजरत केआस्ताने पर जायरिन अपनी मन्नतो को पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में इकट्ठे होंगे। समाजजनो द्वारा गठित उर्स कमेटी द्वारा आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही है।

मुस्लिम समाज से ज्यादा आते हैं अन्य धर्म के जायरीन:

पंपावती नदी के किनारे स्थित दरगाह न केवल मुस्लिम समुदाय बल्किअन्य धर्म के लोगों के लिए भी आस्था और शांति-सोहार्द्र का केंद्र माना जाता है। यहां होने वाले उर्स में कई राज्यों से भी श्रद्धालु अपनी मन्नते लेकर आते हैं। उर्स 15 जून तक चलेगा। तीन दिनों तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। रात में कव्वाली की महफिल सजेगी। इसमें भोपाल और जावरा की कव्वाल पार्टियां हजरत की शान में कलाम पेश करेंगी।

पूरी होती हैं जायज तमन्ना:

हजरत ओढ़ी वाले दाता की दरगाह करीब 300 साल पुरानी प्राचीन बताई गई है। आपका मजार कदीमी होकर हर जाति व धर्म को मानने वाले यहां अपनी जायज तमन्नाओं को लेकर आते है और मुराद पूरी होने पर अकीदत के फूल चढ़ाते हैं। हजरत के उर्स की महफिल की रौनक बढ़ाने के लिए कई बुजुर्ग और सूफी-संत यहां तशरीफ ला रहे हैं। आपके आस्ताने का नूरानी और चिश्ती स्वरूप हर किसी का भी ध्यान अपनी ओर खींच लेता है। हजरत दातार के मजार पर विगत 15 वर्षो से उर्स का प्रोग्राम किया जा रहा हैं।

जोर-शोर से की जा रही हैं आस्ताने पर तैयारियां:

उर्स कमेटी के अध्यक्ष शाकिर शेख ने बताया कमेटी के सदस्यों द्वारा उर्स के लिए तैयारियां जोर-शोर से की जा रही है। दरगाह पर सेमरोड़ झकनावदा के संतोष भाई के द्वारा आकर्षकरोशनी की जाएगी। जायरिनों के लिए पानी की व्यवस्था अलग से रहेगी। कव्वाली की महफिल में फेमस दिल जिससे जिंदा है..कव्वाली पढऩे वाले देश के प्रसिद्ध कव्वाल हाजी मुकर्रम वारसी (भोपाल) और यूसूफ-फारूख (जावरा) की कव्वाल पार्टिया अपने मशहूर कलाम पेश करेंगे। उर्स कमेटी नेे उर्स में अधिकसे अधिक संख्या में सहभागिता करने का आह्वान किया है।

आयोजन में ये रहेंगे अतिथि:

उर्स में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद गुमानसिंह डामोर, विशेष अतिथि के रूप में विधायकवालसिंह मैड़ा, एसडीएम आईएएस हर्षल पंचोली रहेंगे। वहीं अतिथि के रूप में नपं अध्यक्ष मनोहरलाल भटेवरा, गोतम गेहलोत रहेंगे।

यह होगा आस्ताने औलिया पर:

13 जून: सुबह 8 बजे आस्ताने औलिया पर कुरआन ख्वानी होगी। दोपहर जोहर नमाज के बाद गैबनशाह वली दाता (हुसैनी चौक) के आस्ताने से चादर शरीफ का जुलूस निकलेगा। जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए आस्ताने औलिया पर पहुंचेगा। जहां संदल और चादर पेश की जाएगी। रात ९ बजे हजरत अल्लामा मौलाना अब्दुल खालिक साहब, हापीज अब्दुल कादीर रिजवी और आलिमे नौजवान हजरत मौलाना सद्दाम हुसैन तकरीर फरमाएंगे।

14 जून: रात 9 बजे बाद शुरू होने वाले महफिले सिमां कार्यक्रम में देश के प्रसिद्ध कव्वाल हाजी मुकर्रम वारसी (भोपाल) और यूसूफ-फारूख (जावरा) की कव्वाल पार्टियां प्रस्तुति देगी।

15 जून: सुबह 9 बजे महफिले रंग व कुल की फातेहा होगी। इसमे यूसूफ-फारूख (जावरा) कव्वाल पार्टी रंग पढ़ेगी। दोपहर बाद लंगर (विशाल शुद्ध शाकाहारी भंडारे) का आयोजन किया जाएगा।

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