झाबुआ। इसरो द्वारा भारत के बहु-चर्चित मिशन चंद्रयान 3 के प्रक्षेपण के पूर्व नगर के केशव विद्यापीठ विद्यालय के 450 से अधिक विद्यार्थियों द्वारा रॉकेट की आकृति बना कर इसरो को शुभकामना प्रेषित की। बता दें कि चाँद पर खोज के लिए सैटेलाइट भेजने वाले चुनिंदा देशों में भारत का नाम है भारत ने वर्ष 2008 में प्रथम बार चाँद पर सफल प्रक्षेपण कर दुनिया में गौरव प्राप्त किया था। वर्ष 2019 में चंद्रयान 2 का प्रक्षेपण आंशिक सफल रहा परंतु भारत के वैज्ञानिकों ने इतने कम वर्षों में चंद्रयान 3 तैयार किया जो कि प्रक्षेपण के लिए तैयार है। इसरो ने कम समय व कम खर्च में सैटेलाइट तैयार कर दुनिया के समक्ष अप्रतिम उदाहरण प्रस्तुत किया है। 

इस अवसर पर विद्यालय के संचालक ओम शर्मा ने कहा कि यह भारत के लिए गौरवमय क्षण है, देश के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य बनता है कि इस ऐतिहासिक दिन के लिए हमारे वैज्ञानिकों को हर संभव माध्यम से शुभकामनाएँ प्रेषित करें। उन्होंने केशव विद्यापीठ के विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि इस सैटेलाइट का कुल वजन 3900 किलो है तथा यह चाँद पर 41 दिनों में पहँचेगा तो इसी तर्ज़ पर शारदा समूह आने वाले 41 दिनों में 3900 पौधे रोपित कर पर्यावरण का अनूठा संदेश देगा। इस अवसर पर विद्यालय के संचालक मयंक रूनवाल, अथर्व शर्मा, प्राचार्य वंदना नायर द्वारा विद्यार्थियों को बधाई दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *