ग्रामसभा विवाद में नया मोड़: पहले रोजगार सहायक ने कराई FIR, अब ग्रामीणों ने लगाया झूठी शिकायत का आरोप 

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जितेंद्र वर्मा, जोबट

ग्राम पंचायत जामनी में 2 अक्टूबर को आयोजित ग्रामसभा के दौरान हुए विवाद का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पहले रोजगार सहायक शेरसिंह की शिकायत पर भारतसिंह, लालसिंह और प्रकाश के खिलाफ पुलिस प्रकरण दर्ज किया गया था। अब सोमवार को भारतसिंह सहित अन्य ग्रामीण जोबट थाने पहुंचे और रोजगार सहायक शेरसिंह के खिलाफ दूसरी शिकायत सौंपते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि व्यक्तिगत द्वेष के चलते उनके खिलाफ झूठी और मिथ्या सूचना देकर पुलिस में शिकायत की गई।

ग्रामीणों द्वारा पुलिस को दिए गए आवेदन में कहा गया है कि ग्राम जामनी के डाबालिया फलिया में ग्रामीणों की मांग पर 39 लाख 84 हजार रुपए की लागत से तालाब निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें इस स्वीकृति और राशि के संबंध में जानकारी नहीं थी। बाद में भारतसिंह द्वारा ग्रामीणों को तालाब निर्माण की स्वीकृति और राशि की जानकारी दी गई। ग्रामीणों के अनुसार जब मौके पर अपेक्षित निर्माण कार्य दिखाई नहीं दिया, तो उन्होंने ग्रामसभा में इस मुद्दे को उठाकर जानकारी मांगने का निर्णय लिया।

ग्रामसभा में तालाब निर्माण का मुद्दा उठाने की तैयारी

शिकायत में ग्रामीणों ने बताया कि 13 सितंबर को ग्रामीणों की बैठक हुई थी। बैठक में तालाब निर्माण के मुद्दे को ग्रामसभा में रखने के लिए भारतसिंह को अधिकृत किए जाने का दावा किया गया है। ग्रामीणों के मुताबिक उनका उद्देश्य पंचायत से निर्माण कार्य की स्थिति और स्वीकृत राशि से संबंधित जानकारी प्राप्त करना था। आवेदन में आरोप लगाया गया कि ग्रामसभा में तालाब निर्माण का मुद्दा उठाए जाने की जानकारी रोजगार सहायक शेरसिंह को हो गई थी। इसके बाद कथित तौर पर भारतसिंह को फोन कर यह मुद्दा ग्रामसभा में नहीं उठाने और ग्रामीणों को नहीं भड़काने की बात कही गई।

बाजार में धमकी देने का आरोप

ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में आगे आरोप लगाया कि बाद में जोबट बाजार में शेरसिंह और भारतसिंह की मुलाकात हुई। इस दौरान भारतसिंह को तालाब निर्माण का मुद्दा नहीं उठाने के लिए कथित रूप से धमकाया गया। ग्रामीणों ने शेरसिंह पर गर्दन काटने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। आवेदन में कहा गया है कि इस कथित धमकी की सूचना गणेश विसर्जन के दिन थाना जोबट में दी जा चुकी है। अब ग्रामीणों ने इस शिकायत पर भी पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

पहले दर्ज हुई थी मारपीट की FIR

गौरतलब है कि ग्रामसभा के बाद रोजगार सहायक शेरसिंह ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि पंचायत के विकास कार्यों को लेकर सवाल-जवाब के दौरान विवाद हुआ। शिकायत में भारतसिंह, लालसिंह और प्रकाश पर झूमाझटकी, कॉलर पकड़ने और मारपीट करने के आरोप लगाए गए थे। साथ ही शासकीय दस्तावेज छीनने का आरोप भी लगाया गया था। पुलिस ने रोजगार सहायक की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(ए), 221, 121(1), 351(2) और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया था। घटना से संबंधित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

अब दोनों पक्ष आमने-सामने

ग्रामीणों की दूसरी शिकायत के बाद मामला अब आरोप-प्रत्यारोप और दो पक्षों की शिकायत तक पहुंच गया है। ग्रामीणों ने तालाब निर्माण से संबंधित स्वीकृति, राशि, कार्य की वास्तविक स्थिति और ग्रामसभा में उठाए गए सवालों की जांच की मांग की है। साथ ही कथित धमकी के मामले में भी कार्रवाई की मांग की गई है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस द्वारा दोनों पक्षों के बयान, दस्तावेज, ग्रामसभा की कार्यवाही और वायरल वीडियो सहित उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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