झाबुआ। हजरत दावल शाह वली रेहमतुल्लाह अलैह का तीसरा उर्स मुबारक 30 अप्रैल को बड़ी शान-ओ-शौकत के साथ मनाया जाएगा। जिसमें दर्जनों-सूफी संतों के साथ जिले के थांदला, पेटलावद, झाबुआ, राणापुर, रंभापुर, मेघनगर, गुजरात के दाहोद, राजस्थान के बांसवाड़ा, गड़ी, कुशलगढ़, हिम्मतगढ़, रामगढ़ से अकीदतमंद बड़ी संख्या में उर्स में पहुंचेंगे। मुस्लिम-हिंदू एकता के प्रतीक इस उर्स में सभी धर्मों के लोग शामिल होकर अपनी मन्नते पूरी करने पहुंचे हैं। उर्स कमेटी के मीडिया प्रभारी पंकज राठौड़ व महेश पंचाल ने बताया कि 30 अप्रैल को दोपहर बाद नमाजे जोहर चादर शरीफ का जुलूस गांव में निकाला जाएगा जो आस्ताने औलिया पर पहुंचेंगे जहां अकीदतमंद चादर शरीफ पेश करेंगे। इसी के साथ 30 अप्रैल शाम को लंगर (भंडारे) का आयोजन रखा गया जिसमें बड़ी संख्या में सभी धर्मों के लोग प्रसादी ग्रहण करेंगे। वहीं रात्रि में 8 बजे से महफिले-सिमा का आयोजन किया गया जिसमें देश के प्रसिद्ध कव्वाल जुनैद सुल्तानी बदायूं शरीफ (यूपी), सईद फरीद नियाजी (झांसी) अपनी दिलकश व सूफी कव्वालियों का समां बांधेंगे। आयोजन में पीपलखूंटा के महंत श्री 1008 दयारामदास जी महाराज, दिल्ली से सूफी सालीम साबरी चिश्ती, सूफी मोहम्मद खुर्शीद आलम चिश्ती दिल्ली, हजरत कारी मोहम्मद इश्तियाक मियां चिश्ती-साबरी दिल्ली, हजरत मौलाना मोहम्मद उमर चिश्ती दिल्ली, सैयद अशफाक हुसैन, सूफी यायहा खान साहब इंदौर, मोइनुद्दीन हैदरी (सैलानी सरकार देपालपुर, मोहम्मद अनीसद्दीन कुशलगढ़ (राजस्थान), तो वहीं जेरे सरपरस्ती नकीबे बजमे सूफिया सूफी बज्मजादा सूफी रमीज बाबा चिश्ती, अब्दुल रहीम बाबा खम्भात, संत अखंड महाराज उज्जैन, श्री रामदास त्यागी टाटबाबा निसरपुर, मोहतरमा अर्चना दीदी वारसी इंदौर, सूफी सुरेश बाबा चिश्ती, सूफी अशोक बाबा चिश्ती, रमण महाराज मदरानी मौजूद रहकर कार्यक्रम की शान बढ़ाएंगे। उर्स कमेटी के अध्यक्ष बाबूलाल जाट ने सभी अकीदतमंदों से उर्स के सभी कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की है। Post navigation अविवाहित 27 वर्षीय युवक ने गले में फंदा डाल झुला फाँसी पर, जांच में जुटी पुलिस राष्ट्र गौरव महाराणा प्रताप अहिंसा वीरो का आभूषण है विषय पर व्याख्यान माला का आयोजन आज