दिनेश वर्मा, झाबुआ
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 17 जून को उज्जैन के महिदपुर को बड़ी सौगात दी। उन्होंने यहां 207.57 करोड़ की लागत के 19 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इन विकास कार्यों में 188.42 करोड़ रुपए की लागत के सामाकोटा बैराज सहित उप-स्वास्थ्य केंद्र भवन, महाविद्यालय भवन और कुछ स्कूल भी सामिल हैं। इसके अलावा सीएम डॉ. मोहन कांग्रेस पर भी भड़के। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने कर्मों की वजह से गर्त में जा रही है। उन्होंने कहा कि महिदपुर की मावा बाटी और महिदपुर की गुलाटी दोनों प्रसिद्ध है। यहां आने का अलग ही आनंद है। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की दोस्ती का स्थान महिदपुर में है। समय गणना में भी यहां के डोंगला का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि राजा जयसिंह ने 300 साल पहले उज्जैन, बनारस, जयपुर, मथुरा और दिल्ली में वैधशालाओं (जंतर-मंतर) का निर्माण कराया। सम्राट विक्रमादित्य और आर्यभट्ट की विरासत को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने डोंगला में आधुनिक ऑब्जर्वेटरी बनवाई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दुनिया अपनी घड़ी में डोंगला से स्टैंडर्ड टाइम तय करे, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उज्जैन सहित आसपास के क्षेत्र को मोक्षदायिनी मां क्षिप्रा जी का आशीर्वाद प्राप्त है। मैया क्षिप्रा क्षेत्र के किसानों को अन्न पैदा करने के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराती है। महिदपुर इस मामले में भाग्यशाली है कि क्षिप्रा नदी पर बने सभी बांध और जलाशल महिदपुर में ही स्थित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के भव्य आयोजन के लिए हजारों करोड़ के विकास कार्य जारी हैं। डोंगला से गुजरने वाला नया फोरलेन महिदपुर की नई तकदीर लिखेगा। महिदपुर शहर ट्रांसपोर्टेशन के लिए भी अपनी अलग पहचान रखता है।
