लोहित झामर, मेघनगर शहर के अति प्राचीन मेघेश्वर शंकर मंदिर में शुक्रवार को शनि जयंति धार्मिक अनुष्ठान के साथ मनाई गई। शनि जयंति के अवसर पर शनिदेव की प्रतिमा का तेल एवं काली तिल से अभिषेक किया गया। हवन-पूजन कर आरती उतारी गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में शनिदेव के दर्शनार्थ जुटे। शनि जयंति के साथ ही मंदिर मंहत श्री 108 बद्रीदासजी महाराज ने अपने उत्तराधिकारी बलरामदासजी महाराज की चारद विधि एवं महन्ताई का आयोजन भी किया। इस कार्यक्रम में चार दर्जन के लगभग साधु संतों में अपनी सहभागिता की। डाकोर से जुड़े होने के चलते श्री अधकिारी खाकचैक के पुजारी के प्रतिनिधि भी आयोजन में शामिल हुये। वैदिक मंत्रों के साथ बलरामदासजी महाराज को सभी संतो ने चादर ओढ़ाकर मेघनगर मंदिर के मंहत के रूप में अपनी स्वीकृति प्रदान की। मेघनगर शंकर मंदिर समिति से जुड़े दिलीप प्रजापत, रूपनारायण झा, राजेन्द्र टेलर, रामचद्र पडियार, संतोष परमान, मुकेष मेहता, राजेन्द्रसिंह सोनगरा, राहुल अग्रवाल, अभिषेक जयसवाल, राजेष भंडारी, पड़ित मदन महाराज, पिन्टु पंचाल, सौरभ पंचाल, ने सभी पधारे हुये संतों का आतिथ्य सत्कार किया। नवीन धर्मशाला में संतभोज का हुआ आयोजन नवनिर्मित धर्मशाल में सभी संतों का सहभोग आयोजित किया गया। संतों के भोज के साथ ही मंदिर धर्मशाला में नगरवासियों के लिए भंडारा आयोजित किया गया। मेघनगर मंदिर के इस धार्मिक अनुष्ठान में सम्मिलित होने के लिए गुजरात- राजस्थान सहित जिले के अलग-अलग स्थानों से पधारे संतों को मंदिर मंहत ब्रदीदासजी महराज ने बिदाई भेट की। आयोजन के बाद सभी साधु संतों ने नव निर्मित धर्मषाला, भोजनषाला, गौषाला एवं मंदिर भ्रमण किया। Post navigation स्वर्गीय रमेशचंद्र भंडारी की स्मृति में निशुल्क अस्थि रोग शिविर में 103 मरीजों मरीजों ने लाभ लिया मेघनगर एम-3 होटल पर युवक ने पत्थरों से किया हमला …