गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग, मुफ्ती उमर कासमी ने राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन

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आलीराजपुर। जमीयत उलेमा-ए-हिंद इंदौर संभाग के अध्यक्ष मौलाना मुफ़्ती मोहम्मद उमर कासमी ने भारत के राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग की है। 

ज्ञापन में कहा गया है कि गाय भारतीय संस्कृति, परंपरा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार रही है। प्राचीन काल से भारतीय समाज में गाय को विशेष सम्मान प्राप्त है तथा कृषि, दुग्ध उत्पादन और जैविक खेती में उसका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मौलाना उमर कासमी ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि गाय से प्राप्त दूध, दही और घी जैसे उत्पाद पोषण के प्रमुख स्रोत हैं। इसके अलावा गोबर का उपयोग जैविक खाद, ऊर्जा उत्पादन तथा अन्य उपयोगी कार्यों में किया जाता है। भारतीय संस्कृति में गाय को मातृ स्वरूप माना गया है और विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक परंपराओं में उसका विशेष स्थान है। 

ज्ञापन में केंद्र सरकार से आग्रह किया गया है कि गाय के सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक महत्व को देखते हुए उसे भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। उनका कहना है कि इससे गायों के संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा तथा समाज में उनके प्रति जागरूकता और सम्मान की भावना और मजबूत होगी। इस अवसर पर मौलाना मुफ़्ती मोहम्मद उमर कासमी ने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार इस मांग पर सकारात्मक विचार करेगी और देशहित में उचित निर्णय लेगी।

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