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झाबुआ। सांसद कांतिलाल भूरिया ने आम बजट 2017-18 को पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे उपभोक्ताओं की कमर तोडऩे वाला बजट बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार और वित्त मंत्री अरूण जेटली से आमजनों को अपेक्षा थी कि आम बजट जनकल्याणकारी, लोकोपयोगी और लोक लुभावन होगा, किंतु वित्त मंत्री ने तमाम उम्मीदों पर न केवल पानी फेर दिया है, बल्कि आम उपयोग में आने वाली अधिकांश अति उपयोगी वस्तुओं पर सर्विस टैक्स का भार बढ़ाकर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों और नौकरीपेशा लोगों के समक्ष अंधेरा परोस दिया गया है।