लोहित झामर, मेघनगर मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थस्थल श्री वनेश्वर मारुति नंदन हनुमान मंदिर, फुटतालाब में नवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ भक्तिमय वातावरण और माँ की आराधना के साथ हुआ। महोत्सव के पहले ही दिन क्षेत्र की ग्रामीण बेटियों ने अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा और भक्ति का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। आसपास के गाँवों के 18 दलों की करीब 300 ग्रामीण बेटियों ने एक साथ गरबा कर पूरे मंदिर परिसर को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। ग्रामीण अंचल की बेटियों की इस सामूहिक प्रस्तुति ने आयोजन के पहले दिन ही विशेष आकर्षण पैदा किया। महोत्सव का शुभारंभ श्रीगणेश वंदना, श्रीराम भक्त हनुमान जी एवं माँ की महाआरती के साथ हुआ। इसके पश्चात श्रीमती सीमा सुरेश जैन एवं परिवार के सदस्यों ने कन्या पूजन और कलश पूजन कर आयोजन की पवित्र परंपराओं का निर्वहन किया। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद गरबा महोत्सव का आगाज हुआ। पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने और गरबा देखने पहुँचे। 18 दलों की 300 बेटियों ने बिखेरी लोक संस्कृति की छटा फुटतालाब के नवरात्रि महोत्सव में ग्रामीण बेटियों की भागीदारी ने आयोजन को विशेष पहचान दी। पारंपरिक वेशभूषा में सजी युवतियाँ गरबा करते हुए माँ की स्तुति में लीन नजर आईं। एक साथ 18 दलों की प्रस्तुति ने ग्रामीण संस्कृति, सामूहिक सहभागिता और धार्मिक आस्था का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया। आयोजन को लेकर युवाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला। दूर-दराज के गाँवों से युवा आकर्षक पारंपरिक वेशभूषा में गरबा करने और महोत्सव में शामिल होने पहुँच रहे हैं। देश के प्रमुख शहरों के कलाकारों ने बांधा समां पहले दिन दिल्ली, गुजरात, बड़ौदा, अहमदाबाद और इंदौर से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। प्रसिद्ध गरबा गायिका कविता श्रीवास्तव ने भी आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं। पारंपरिक गरबा गीतों और मधुर भजनों से पूरा पंडाल भक्तिमय हो उठा। माँ की स्तुति करते हुए गरबा कर रही युवतियों और कलाकारों की प्रस्तुतियों ने नवरात्रि के उल्लास को और बढ़ा दिया। कई दिनों से चल रही थीं तैयारियाँ आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्य सुरेश चंद्र पूरणमल जैन, राजेश रिंकू जैन, मंदिर के महंत श्री दिलीप दास जी, श्रीराम दास जी त्यागी टाट वाले बाबा तथा जैकी जैन और रिनिश जैन ने बताया कि नवरात्रि महोत्सव को लेकर पिछले कई दिनों से तैयारियाँ की जा रही थीं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पंडाल और मंदिर परिसर की सजावट सहित व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि श्रद्धालु सुविधापूर्वक माँ के दर्शन और गरबा महोत्सव का आनंद ले सकें। आयोजन समिति के सदस्य राजेश रिंकू जैन ने जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में फुटतालाब पहुँचकर माँ की महाआरती, पूजन और गरबा महोत्सव में सहभागी बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल गरबा तक सीमित नहीं, बल्कि भक्ति, संस्कृति और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। नवरात्रि के पहले ही दिन उमड़े श्रद्धालुओं और ग्रामीण बेटियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने महोत्सव की भव्य शुरुआत का संदेश दिया। आने वाले दिनों में भी यहाँ भक्ति, संगीत और पारंपरिक गरबा की रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ माँ की आराधना का क्रम जारी रहेगा। Post navigation शारदीय नवरात्रि शुरू हुई, सज गए माता रानी के दरबार