सिंचाई के लिए नर्मदा परियोजना का पानी छोड़ने की मांग को लेकर किसानों के साथ के कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान का पैदल मार्च
आलीराजपुर। जिले में कम वर्षा के चलते उत्पन्न हो रही सिंचाई एवं जल संकट की समस्या को लेकर किसानों ने सोमवार को कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान के समक्ष अपनी मांगें रखीं। किसानों ने बताया कि जिलेभर में पर्याप्त बारिश नहीं होने से जलस्तर लगातार कम हो रहा है और खेतों में फसलों की सिंचाई के लिए आवश्यक पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इससे किसानों के सामने फसल प्रभावित होने के साथ आर्थिक संकट की स्थिति भी बन रही है।
किसानों ने मंत्री नागरसिंह चौहान को ज्ञापन सौंपते हुए नर्मदा सिंचाई परियोजना से आलीराजपुर जिले के प्रभावित क्षेत्रों के लिए तत्काल पानी छोड़े जाने की मांग की। किसानों का कहना था कि यदि समय रहते सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं कराया गया तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है तथा किसानों और उनके परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी।
किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान स्वयं किसानों के साथ पैदल मार्च करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। कलेक्टर कार्यालय पहुंचने के बाद मंत्री श्री चौहान किसानों के साथ जमीन पर बैठ गए और उनकी समस्याओं को कलेक्टर को विस्तार से बताई।
इस दौरान कलेक्टर के समक्ष जिले में कम वर्षा एवं जल संकट की स्थिति से अवगत कराया तथा नर्मदा सिंचाई परियोजना से किसानों के खेतों तक सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने की मांग रखी। किसानों ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में फसलों को बचाने के लिए सिंचाई का पानी बेहद आवश्यक है।
इसी के साथ जिले में अल्पवर्षा के चलते जिले को सूखा प्रभावित/सूखाग्रस्त घोषित किए जाने की मांग भी रखी, ताकि प्रभावित किसानों को शासन की ओर से आवश्यक राहत एवं सहायता मिल सके।
*प्रमुख सचिव से की विस्तृत चर्चा*
मंत्री नागरसिंह चौहान ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और प्रशासन के समक्ष उनकी मांगों को प्रमुखता से रखा। इसी के साथ कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान ने तत्काल विभाग के प्रमुख सचिव से भी दूरभाष पर चर्चा कर जिले के किसानों की समस्या से अवगत करवाया एवं जिले के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान करने की बात कही थी।
