भूपेंद्र चौहान, चंद्रशेखर आजाद नगर
जहां श्रीमद् भागवत पुराण कथा समाप्त होती हैं वहीं से श्रीमद देवी पुराण कथा शुरू होती हैं। दोनों में ही 18 हजार श्लोक हैं। देवी माता या कुलदेवी की प्रसन्नता के लिए देवी भागवत सुनना चाहिए। दोनों भागवत के महात्म्य को समझना चाहिए। देवी पुराण के पहले श्लोक सुनने पर पुरे देवी पुराण का लाभ श्रावक को मिलता हैं। इसलिए देवी श्लोक के मंगलाचरण को अवश्य सुनना चाहिये। कोई भी कार्य का प्रारंभ मंगलाचरण से होता हैं।
