करोड़ों के जमीन घोटाले में नाम आने के बाद फिर विवादों में शराब कारोबार, एमआरपी से ज्यादा वसूली, नहीं लगी रेट लिस्ट, गांव-गांव हो रही शराब सप्लाई

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जितेंद्र वर्मा, जोबट

आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र जोबट में संचालित सरकारी शराब दुकानों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सरकारी शराब दुकान पर खुलेआम एमआरपी से अधिक कीमत वसूली जा रही है, जबकि जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।

₹167 एमआरपी वाली शराब की बोतल ₹200 तक में बेची जा रही है स्थानीय लोगों वह ग्रामीण  के अनुसार ₹167 एमआरपी वाली शराब की बोतल ₹200 तक में बेची जा रही है। दुकान पर रेट लिस्ट तक नहीं लगाई गई है, जिससे ग्राहकों को वास्तविक मूल्य की जानकारी नहीं मिल पा रही। ग्रामीणों का कहना है कि गरीब आदिवासी और मजदूर वर्ग से मनमाने दाम वसूलकर लाखों रुपये की अवैध कमाई की जा रही है।

न्यूज़ पेपर में करोड़ों रुपये के जमीन घोटाले को लेकर खबर

क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि कुछ दिन पहले एक बड़े न्यूज़ पेपर में करोड़ों रुपये के जमीन घोटाले को लेकर खबर प्रकाशित हुई थी, जिसमें शराब कारोबारी सूरज रजक का नाम सामने आया था। अब उसी कारोबारी और उसके जिला मैनेजर हितेश चौहान पर जोबट क्षेत्र में सरकारी शराब दुकान के माध्यम से मनमानी और ओवररेटिंग कराने के आरोप लग रहे हैं।

गांव-गांव तक शराब सप्लाई की जा रही है

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि फोर व्हीलर और टू व्हीलर वाहनों के जरिए गांव-गांव तक शराब सप्लाई की जा रही है। देर रात तक चलने वाली इस गतिविधि को लेकर क्षेत्र में कई सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि इतनी खुली व्यवस्था बिना संरक्षण के संभव नहीं हो सकती पूरे मामले में मध्य प्रदेश आबकारी विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

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