झाबुआ। राज्य में किसानों के हितार्थ शासन द्वारा राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना का संचालन किया जा रहा है। राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना का उद्देश्य कृषकों की फसलों में अन्यान्य कारणो से होने वाले नुकसान की जोखिम को कम करना है। प्रदेष में राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना अंतर्गत अऋणी किसानों द्वारा अपनी फसल बीमा बहुत कम मात्रा में कराया जाता है। राज्य सरकार द्वारा अऋणी कृषकों को राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना से जोडने को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की गई है। रबी 2015-16 मोसम हेतु शासन द्वारा अधिसूचित फसलों एवं अधिसूचित क्षेत्रों की अधिसूचना पूर्व में ही जारी हो चुकी है। जिले के वे किसान, जिन्होने बैंको से रबी फसल ऋण नही लिया हो अथवा जो बैंक के सदस्य नही है या डीफाल्टर है, ऐसे कृषक अऋणी फसल बीमा योजनान्तर्गत अपनी फसल का बीमा करवा सकते है। इच्छुक कृषक अपनी निकटवर्ती राष्ट्रीयकृृत अथवा सहकारी क्षेत्र की किसी भी बैंक शाखाओं से सम्पर्क कर अपनी फसल का बीमा करवा सकते है। अऋणी किसानों को फसल बीमा करवाने हेतु आवष्यक मार्गदर्षन तथा राजस्व अभिलेख एवं बोनी प्रमाण पत्र के लिये कृषि विभाग के मैदानी कार्यकर्ताओ को भी निर्दोष किसान बहुत ही कम राशि से अपनी रबी फसलों का बीमा करवाकर जोखिम को कम कर सकते है। भविष्य में प्राकृतिक अथवा अन्य कारणों से मानक स्तर से कम पैदावार होने की स्थिति में उन्हे फसल बीमा कम्पनी द्वारा लाभ प्रदान किया जाएगा। अऋणी किसानो के लिए प्रीमियम जमा कराने की अन्तिम तिथि 31 दिसम्बर है। अधिक जानकारी ओर मार्गदर्शन के लिए किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा कृषि विभाग के अन्य शासकीय सेवको से सम्पर्क कर सकते है।
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