झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट- खुशबु मनोज सुराणा ने अपने जीवन का पहला मासखमण पूर्ण किया। साध्वी रत्नत्रयाश्री जी और तत्वत्रयाश्रीजी के सानिध्य में 31 उपवास की तपस्या की गई। इस उपलक्ष्य में त्रिस्तुतिक श्रीसंघ द्वारा उनका वरघोडा शहर में निकाला गया, जिसमें समग्र जैन समाज के महिला पुरूष बड़ी संख्या में शामिल हुए। वरघोड़ा में बैडबाजों पर जगह जगह युवक युवतियां नृत्य करते हुए साथ चल रहे थे। वरघोड़े में महिलाओं ने जगह जगह भगवान की गवली की. स्वामीवात्सल्य का आयोजन हुआ। वरघोड़ा नगर के प्रमुख मार्गो से घूमता हुआ प्रेम सागर पैलेस में पहुंचकर एक धर्मसभा में तब्दील हुआ, जहां साध्वीद्वय ने तप की अनुमोदना की। साध्वीश्री रत्नत्रयाश्रीजी ने कहा कि जीवन को तप के माध्यम से तपाने से जीवन धन्य हो जाता है। तपस्वीनी सुराणा का बहुमान जैन त्रिस्तुतिक संघ, श्रीवर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ,तेरापंथ श्रीसंघ, बामनिया श्रीसंघ द्वारा बहुमान किया गया. तपस्वी का वरघोड़ा निकाला गया. Post navigation महाराजा अग्रसेन की जयंती चल समारोह में धार्मिक भजनों पर झूमे भक्त पंचायती राज के अधिकार लेने के लिए प्रतिनिधि पहुंचे जंतरमंतर, दिया धरना