निजामी कॉन्फ्रेंस में धर्मगुरुओं ने दिए उपदेश झाबुआ। हर शख्स को अपने परिवार को आग से बचाने की जरूरत की है। अल्लाह तआला ने आग से बचाने का जिक्र कुरआन शरीफ में भी किया है। आग से तो सभी बचना चाहते हैए परंतु यहां आग से मतलब जहन्नम की आग से है। वर्तमान के आधुनिक चकाचौंध में युवा पीढ़ी अच्छे-बुरेे में का मतलब नहीं समझती है। थोड़े से मनोरंजन के लिए वह अपनी मौत के बाद आखिरत खराब कर रही है। वर्तमान में मोबाइल मनोरंजन का सबसे बड़ा जरिया बन चुका है, जिस पर तमाम मनोरंजन की चीजे आसानी से उपलब्ध हो जाती है। इंटरनेट के माध्यम से युवा पीढ़ी ने तरक्की तो की है, परंतु बुरी चीजों की लत युवा वर्ग हो चुकी है। इंटरनेट के माध्यम से नाजायत बातें करना आजकल ज्यादा चलन में है। कुल मिलाकर आधुनिक जीवन जीते हुए युवा वर्ग मरने के बाद जहन्नम का हकदार बनता जा रहा है। उक्त बात संतकबीर नगर से पधारे अल्लामा मौलाना जियाउल हसन मुस्तफा निजामी ने कही। आप आल इंडिया बज्मे निजामी की शाखा झाबुआ द्वारा आयोजित निजामी कॉन्फ्रेंस में बतौर अतिथि धर्मालुओं को संबोधित कर रह है। आपने उपस्थितजनों से अपील करते हुए कहा कि अपने घरों में आधुनिकता का उपयोग आवश्यकतानुसार करें तथा दोजख की आग से खुद को व अपने परिवार को बचाने की हर संभव कोशिश करें। कार्यक्रम की शुरूआत तिलावते कुरआन से किया गया। तत्पश्चात अलीराजपुर के पेश इमाम मौलाना हाफिज व कारी अख्तर रजा निजामी ने नातियां कलाम पेश कर आमजन का इमान ताजा किया। इस्लामी कानून का करे पालन मौलाना कारी जियाउल हसन साहब ने उपस्थित धर्मावलंबियों को संबोधित करते पैगम्बर हजरत मोहम्मद स.अ.स. की पैदाईश के पूर्व की जिन्दगी बयान करते हुए बताया कि इससे पूर्व आज से भी ज्यादा अपराध हुआ करते थे। हत्यारों को समाज ऊंचा ओहदा दिया करता था तथा उनसे लोग खौफ खाया करते थे। विधवा मां को उसकी ही औलाद बाजार में ले जाकर बेच आया करती थी। आज का माहौल उस वक्त से काफी अच्छा है, परंतु धीरे-धीरे उसी हम लोग उसी ओर बढ़ते जा रहे है। अरब में सबसे ज्यादा अपराध हुआ करते थे, परंतु आप स.अ.स. के आने के पश्चात अपराध कम हुए तथा लोगों ने इस्लामी कानूनी का पालन किया जो आज भी वहां जारी है। आपने इस्लाम के कानून तथा तौर-तरीको का पालन करने की हिदायत दी तथा कहा कि ऐसा करने से आप दुनिया व आखिरत दोनों जगह सफल होंगे। शैतान है इंसान का सबसे बड़ा ब्रेकर मुख्य अतिथि खतीबुल बराहीन हजरत अल्लामा मौलाना मुफ्ती हबीबुर्रहमान किब्ला रात्रि लगभग 1 बजे मंच पर आसीन हुए। उपस्थित धर्मालंबियों को आपने कुरआन व हदीस के हवाले से कई बातें बताई। सूफी हजरत निजामुद्दीन साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके जीवन छोटी-मोटी घटनाओं से आपके भक्तों को रूबरू कराया। उन्होने बताया कि शैतान सबसे बड़ा ब्रेकर है। जब कभी हम अच्छा काम करते है तो शैतान बीच में आ जाता है। यही कारण है कि कभी-कभार हमारे में मन धर्म से आगे के विचार आ जाते हैए जो ईमान का खतरा पैदा करते है। उन्होने उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए कहा कि धर्मगुरूओं का ही नही अपितु उनसे जुड़े हर व्यक्ति हर चीज का सम्मान आवश्यक है। पूर्वजों का उदाहरण देते हुए उन्होने कई किस्से धर्मालंबियों के समक्ष रखे। कार्यक्रम के अंत में सलातो सलाम के पढ़ा गया तथा फातेहा खानी व प्रसादी वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम पश्चात उपस्थित भक्तों ने खतीबुल बराहीन के हाथ चूमकर आशीवर्चन प्राप्त किया। Post navigation ……और विक्रमसिंह को मिला गया बीपीएल राशनकार्ड प्रभु से जोडऩे वाले साधु कहलाते हैं : रामनंदाचार्य