जितेंद्र वर्मा, जोबट आलीराजपुर जिले की जोबट तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत उरती के छोटी उरती (लक्ष्मण फलिया), वास्कला फलिया में 11 लाख 22 हजार रुपये की लागत से निर्माणाधीन आंगनवाड़ी भवन को लेकर कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। भारतीय आदिवासी पार्टी के विकासखंड उदयगढ़ के ब्लॉक अध्यक्ष कुंवर सिंह ने अन्य ग्रामीणों के साथ अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जोबट को लिखित शिकायत सौंपकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। शिकायतकर्ताओं ने निर्माण कार्य में निर्धारित मापदंडों की अनदेखी और सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सरिये से लेकर दीवारों की मोटाई तक पर सवाल शिकायत में आरोप लगाया गया है कि स्वीकृत प्राक्कलन के अनुसार भवन निर्माण में 12 एमएम का सरिया इस्तेमाल किया जाना चाहिए, जबकि मौके पर 10 एमएम का सरिया लगाया जा रहा है। इसी तरह, शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नियमानुसार 8 इंच मोटी दीवार बनाए जाने के बजाय लगभग 4 इंच मोटी दीवारें बनाई जा रही हैं। यदि तकनीकी जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो निर्माण की गुणवत्ता और भवन की मजबूती को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं। हालांकि, इन दावों की पुष्टि स्वीकृत प्राक्कलन के परीक्षण और तकनीकी निरीक्षण के बाद ही हो सकेगी। घटिया सीमेंट और तराई नहीं करने का भी आरोप शिकायतकर्ताओं ने निर्माण कार्य में कथित तौर पर गुणवत्ताहीन सीमेंट के इस्तेमाल और दरवाजों सहित अन्य फिटिंग में निम्न स्तर की सामग्री लगाए जाने का आरोप लगाया है। इसके अलावा, दीवार निर्माण और कंक्रीटिंग के बाद आवश्यकतानुसार पानी की तराई नहीं किए जाने की बात भी आवेदन में कही गई है। शिकायत में उठाए गए इन बिंदुओं को देखते हुए निर्माण स्थल का निरीक्षण, इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता का परीक्षण और स्वीकृत प्राक्कलन से वास्तविक निर्माण का मिलान महत्वपूर्ण होगा। इससे स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जा रहा है या नहीं। बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा है मामला आंगनवाड़ी भवन में छोटे बच्चों की गतिविधियां संचालित होती हैं। ऐसे में भवन निर्माण की गुणवत्ता में कथित लापरवाही का मामला बच्चों की सुरक्षा से भी जुड़ा है। शिकायतकर्ताओं ने आशंका जताई है कि यदि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की अनदेखी की गई, तो भविष्य में भवन की मजबूती प्रभावित हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि किसी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। एसडीएम से निर्माण कार्य रुकवाने और जांच कराने की मांग भारतीय आदिवासी पार्टी के विकासखंड उदयगढ़ के ब्लॉक अध्यक्ष कुंवर सिंह और अन्य शिकायतकर्ताओं ने एसडीएम जोबट से मांग की है कि निर्माणाधीन आंगनवाड़ी भवन का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भेजकर सरिये की मोटाई, दीवारों की वास्तविक मोटाई, सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच की जाए। शिकायत में जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य पर रोक लगाने तथा अनियमितताएं प्रमाणित होने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों और निर्माण एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग भी की गई है। 11.22 लाख रुपये के निर्माण पर अब प्रशासन से जवाब की उम्मीद 11 लाख 22 हजार रुपये की लागत से बन रहे आंगनवाड़ी भवन को लेकर सामने आई शिकायत के बाद अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं। क्या संबंधित विभाग मौके पर तकनीकी जांच कराएगा? क्या स्वीकृत प्राक्कलन और वास्तविक निर्माण कार्य का मिलान होगा? और यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी? फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी का पक्ष भी सामने आना आवश्यक है। अब देखना होगा कि प्रशासन शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों का क्या जवाब देता है। Post navigation 60 हजार रुपए का लोन, 9 किस्तें जमा; दस्तावेजों की कमी से अटकी प्रक्रिया, ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक का मामला