लवनेश गिरी गोस्वामी @ थांदलारोड https://jhabualive.com/wp-content/uploads/2020/03/VID-20200326-WA0206.mp4 गुजरात राज्य के सूरत-मोरवी में मजदूरी पर गए ग्रामीण लॉकडाउन के चलते अपने घर आने के लिए कई परेशानियों का सामना कर करीब 25 लोग ग्राम थांदलारोड़ में पहुचे जहा उन्हें बैठा देख गांव के युवाओं ने उनसे जानकारी ली तब पता चला कि वह सूरत से आ रहे है व बड़ी मुश्किल से जगह जगह वाहन बदल कर मेघनगर तक पहुचे है और वहा से पैदल आये है कल से कुछ खाया पिया भी नही, तब गांव के युवाओं ने घर घर से रोटी-सब्जी की व्यवस्था की ओर ग्राम पंचायत भवन नोगांवा पर उन्हें बैठाकर उनकी कोरोना जांच संबंधी जानकारी ली तो पता चला कि उनकी जांच बॉर्डर पर हुई है और किसी को भी सर्दी-खासी या बुखार नही है जिसके बाद सभी को खाना खिलाया ओर उन्हें घर भिजवाने की व्यवस्था की व इसकी सुचना उच्च अधीकारीयो को दी परन्तु कोई भी अधिकारी-कर्मचारी नही पहुचा व नही ग्राम पंचायत खुली मिली जब कलेक्टर को इस बारे में जानकारी दी तो कहा कि खाने पीने की व्यवस्था ग्राम पंचायत से करवा लीजिये व जब ग्राम पंचायत सचिव से बात की तो बताया कि रास्ते मे पुलिस रोक रही है आने नही देंगे व्यवस्था कैसे करवाये जब सभी को उनके घर छुड़वाने का कहा तो सभी ने यह कहते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया कि ऐसे लोगो के लिए हमे उचित स्थान पर पहुचाये जाने संबंधी कोई आदेश नही है। अब सवाल यह उठता है ऐसे में इन लोगो की सहायता कोन करेगा। ) Post navigation इस तरह गुजरात के शहरों से संघर्ष कर पैदल पहुंचे जिले के श्रमिक, मीडिया व आम नागरिकों के सहयोग से ग्रामीणों को पहुंचाया उनके घर करोना के प्रकोप के कारण असाड़ा राजपूत समाज द्वारा 300 ज़रूरतमंद परिवार को खाद्य सामग्री दी