मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ इस समय मौसम में हर रोज कुछ न कुछ बदलाव देखा और मेहसूस किया जा रहा है कभी हल्की ठंड तो दिन में तेज धूप के कारण गर्मी मेहसूस की जा रही है बदलते मौसम के कारण बीमारियों में भी इजाफा हो रहा है, अस्पतालों में बीमारों की भीड़ देखी जा सकती है। मार्च के महिने में होलिका दहन किया जाने के बाद से ही क्षेत्र में गर्मी मेहसूस की जाने लगी है, ठंड का मौसम अचानक विदा हो गया और शाल – स्वेटर आदि गर्म कपड़े छूट चुके हैं, क्षेत्र में रात का तापमान जहां 18-20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह रहा है वहीं दिन के तापमान में वृद्धि होती जा रही है, आज 9 मार्च को दोपहर के समय 36–38 डिग्री सेल्सियस दर्ज की गई। क्षेत्र में अनेक जगहों पर ठंडाई तथा ठंडे पेय पदार्थों की दुकानें सजाई जा चुकी हैं जिनमें मानक अमानक सभी तरह के पेय तथा खाद्य सामग्रियों का विक्रय धड़ल्ले से हो रहा है,इन मौसमी दुकानों पर कितने मौसमी फलों का उपयोग हो रहा है यह जांच का विषय हो सकता है। क्षेत्र में बिगड़ते मौसम से चिंतित ग्रामीण कृषक खेतों में पक कर खड़ी चना राई, तथा गेहूं आदि की कटाई में जुटे हुए हैं जिस कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है और शहरी व्यापारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए हैं, उन्हें ग्राहकों के आने का इंतजार करना पड़ रहा है,जो ग्रामीण होली पर्व पर घर आए थे वे भी वापस लौटने लगे हैं अब ये लोग शादी विवाह के समय या फिर वर्षा ऋतु प्रारंभ होने के करीब वापस गांव लौटेंगे तथा गांव की खेतों में बुआई कर पुनः गुजरात मजदूरी करने चले जाएंगे। Post navigation रंगपंचमी पर युवाओं ने जम कर खेला रंग गुलाल टी 20 विश्व कप में भारतीय टीम की जीत पर होली-दीपावली दोनों मनी